शेरवुड कॉलेज जहां से पढ़कर निकले हैं अमिताभ बच्चन जैसी हस्तियां, जानें फीस
नैनीताल: उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में बसा नैनीताल सिर्फ झीलों और पहाड़ों के लिए नहीं, बल्कि अपने ऐतिहासिक और शैक्षणिक महत्व के लिए भी देशभर में जाना जाता है. नैनीताल के शिक्षा क्षेत्र की सबसे चमकती धरोहरों में शामिल है शेरवुड कॉलेज, एक ऐसा स्कूल जिसने भारत को अमिताभ बच्चन, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ और मेजर सोमनाथ शर्मा जैसी महान हस्तियां दी हैं.
शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र रहा है शेरवुड
1869 में स्थापित यह बोर्डिंग स्कूल ब्रिटिश काल से ही शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र रहा है. वर्षों से यह संस्थान न सिर्फ पढ़ाई, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में छात्रों को तराशता आ रहा है. शेरवुड कॉलेज के प्रिंसिपल अमनदीप संधू बताते हैं कि, यह संस्थान 156 वर्षों की गौरवशाली विरासत को संजोए हुए है और हर वर्ष देश-विदेश में अपनी उपलब्धियों से पहचान बना रहा है.
कई नामी हस्तियां पढ़ चुकी हैं यहां
यहां से पढ़े कई छात्र भारत की सेवा में विभिन्न क्षेत्रों में अहम भूमिका निभा चुके हैं. बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन, पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ, प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल वी.एन. शर्मा, कई IAS अफसर, चीफ जस्टिस, लेफ्टिनेंट जनरल, और UN में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारी, सब इसी स्कूल के छात्र रहे हैं. फिल्म, सेना, राजनीति, प्रशासन, खेल और साहित्य हर क्षेत्र में शेरवुड के छात्र देश का नाम रोशन कर चुके हैं. इनमें कबीर बेदी, दिलीप ताहिर, सलमान हैदर और वीरेंद्र नायर स्वरूप जैसे नाम भी शामिल हैं.
इस वजह से अलग है ये स्कूल
प्रधानाचार्य बताते हैं कि शेरवुड कॉलेज सिर्फ अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है. यह शिक्षा को एक समग्र अनुभव के रूप में देखता है. क्लासरूम के बाहर भी यहां विद्यार्थियों को फील्ड, स्टेज, बॉक्सिंग रिंग और स्विमिंग पूल का अनुभव दिया जाता है. यही कारण है कि यहां के छात्र आत्मविश्वास, नेतृत्व और टीम भावना में सबसे आगे रहते हैं. ICSE/ISC बोर्ड से संबद्ध यह स्कूल कक्षा 3 से दाखिला देता है, जबकि कक्षा 10 के बाद 11वीं और 12वीं के लिए भी प्रवेश लिया जा सकता है.
क्या स्कूल की वार्षिक फीस
स्कूल की वार्षिक फीस लगभग 2.5 से 3 लाख रुपए के बीच है. शेरवुड कॉलेज आज भी सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि एक ऐसी परंपरा है जो पीढ़ी दर पीढ़ी ज्ञान, अनुशासन और नेतृत्व की भावना को जीवित रखे हुए है. यहां से निकलने वाले छात्र न केवल अच्छे प्रोफेशनल बनते हैं, बल्कि समाज और देश के लिए प्रेरणास्रोत भी होते हैं.