सरकारी स्कूल में हो रही है इंटरएक्टिव पैनल डिस्प्ले से पढ़ाई, छात्र-छात्राओं में बढ़ी रुचि

रोहित भट्ट/अल्मोड़ा: आधुनिक युग में पढ़ाई में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. अब ब्लैक बोर्ड की जगह अब डिजिटल बोर्ड ने ले ली है. प्राइवेट स्कूल की तरह अब सरकारी स्कूलों में भी पढ़ाई का स्तर बेहतर हो रहा है. इसी क्रम में अल्मोड़ा के जीआईसी स्कूल में बच्चों को इंटरएक्टिव पैनल डिस्प्ले के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है, जिसमें बच्चे लिखने के साथ वीडियो और फोटो के माध्यम पढ़ाया जा रहा है. इस वजह से बच्चों की पढ़ाई और भी आसानी हो रही है. इतना ही नहीं, बच्चे अब पढ़ाई में रुचि दिखाते हुए नजर आ रहे हैं. इस स्कूल में 7 इंटरएक्टिव डिजिटल पैनल लगाए हैं.

छात्रा काव्य पंत ने बताया कि स्कूल में इंटरएक्टिव पैनल डिस्प्ले लगने की वजह से अब पढ़ाई और भी आसान हो चुकी है. क्योंकि, अब किसी भी सब्जेक्ट के बारे में जानना और भी आसान हो चुका है. पहले से टीचर ब्लैक बोर्ड में लिखा करते थे. लेकिन, अब इंटरएक्टिव पैनल डिस्प्ले में लिखने के साथ उसे सब्जेक्ट के बारे में वीडियो और फोटो के माध्यम से बताया जा रहा है. खास बात तो यह है कि जब कोई टीचर छुट्टी में रहते हैं, तो बच्चे खुद ही उस सब्जेक्ट के बारे में इंटरएक्टिव पैनल डिस्प्ले में पढ़ाई कर सकते हैं.

डिजिटल ब्लैकबोर्ड से पढ़ाई हो रही आसान
छात्र गौरव कुमार ने बताया कि स्कूल में टीचर के द्वारा पहले सामान्य ब्लैक बोर्ड में पढ़ाया जाता था. लेकिन, जब से डिजिटल बोर्ड लगे हैं. तब से पढ़ाई का स्तर और भी आसान हो गया है. क्योंकि, पहले टीचर ब्लैक बोर्ड में सिर्फ लिखा करते थे, पर अब डिजिटल ब्लैकबोर्ड में विभिन्न तरीके की चीज आसानी से मिल जाती है. इससे समझना और भी आसान हो जाता है. उन्हें और उनके साथ पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में पढ़ाई के प्रति और भी रुचि बढ़ी है.

कठिन सब्जेक्ट हो जाते हैं सरल
प्रधानाचार्य राजेश बिष्ट ने बताया कि उनके स्कूल में 7 इंटरएक्टिव पैनल लगे हैं. चार इंटरएक्टिव पैनल उन्हें पीएम श्री योजना से मिले हैं और तीन उन्हें एनजीओ के माध्यम से मिले हैं. 7 पैनलों को अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित किया गया है. इससे बच्चों की पढ़ाई और भी आसान होती नजर आ रही है. नई टेक्नोलॉजी से टीचर भी रूबरू हो रहे हैं. साथी छात्र-छात्राएं भी इससे सीख रहे हैं. खास तौर से सबसे अच्छी बात, तो यह है कि जो कठिन सब्जेक्ट होते हैं उन्हें बच्चों को एनीमेशन, वीडियो या फिर फोटो के माध्यम से दिखाया जाता है. इससे बच्चों को जल्द और अच्छा समझ में आता है.