जयपुर। हिंदी और अंग्रेजी में बनाए ब्रेल लिपि के ब्रोशर्स दृष्टिबाधित पर्यटकों के लिए हवामहल स्मारक का इतिहास जानने और समझने के लिए सहायक सिद्ध हो रहे हैं। इनके जरिए दृष्टिबाधित पर्यटकों को स्मारक के हर हिस्से की जानकारी आसानी से मिल रही है। पर्यटकों का कहना है कि जैसे हवामहल में हमारे लिए इस तरह की व्यवस्था की गई है, उसी तरह पुरातत्व विभाग के संरक्षित अन्य स्मारकों में भी दृष्टिबाधित पर्यटकों के लिए यह सुविधा करनी चाहिए।
नई दिल्ली स्थित राजकीय ब्वॉयज सीनियर सैकेंडरी स्कूल से हवामहल स्मारक आए धनजी कुमार, सरोज कुमार, गोविंद और सूरज ने यहां दृष्टिबाधित पर्यटकों के लिए ब्रेल लिपि की सुविधा को लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सुविधा प्रदेश के साथ ही देश के पर्यटन स्थलों पर होने चाहिए। ताकि वे भी ऐतिहासिक किले, महल, स्मारक और संग्रहालय के इतिहास से रूबरू हो सकें।
आभानेरी में लगा है बोर्ड
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार दौसा स्थित आभानेरी बावड़ी आने वाले दृष्टि बाधित पर्यटकों की सुविधार्थ एक बोर्ड बनाया गया है। इसमें ब्रेल लिपि में यहां के इतिहास की जानकारी दी गई है। दूष्टिबाधित पर्यटक बोर्ड को छूकर आभानेरी बावड़ी के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।
यूपी से आए पर्यटक ने भी की थी मांग
इससे पहले यूपी से आए दृष्टि बाधित पर्यटक भी यह मांग कर चुके हैं कि हवामहल स्मारक के साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों पर भी ब्रेल लिपि में ब्रोशर्स की सुविधा होनी चाहिए। इससे अन्य दृष्टि बाधित पर्यटकों को भी ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी मिल सके।
दृष्टि बाधित पर्यटकों की सुविधार्थ हिंदी और अंग्रेजी में ब्रेल लिपि के ब्रोशर्स बनवाए गए हैं। ताकि ये पर्यटक भी इनके माध्यम से स्मारक के इतिहास की जानकारी प्राप्त कर सकें।
-सरोजनी चंचलानी, अधीक्षक, हवामहल स्मारक
दृष्टि बाधित पर्यटकों के लिए भी प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर ब्रेल लिपि में ब्रोशर्स की सुविधा होनी चाहिए। अभी केवल हवामहल स्मारक में यह सुविधा देखने को मिलती है।
-संजय कौशिक, पर्यटन विशेषज्ञ
