हल्द्वानी की बेटी चित्रा बिष्ट बिच्छू घास-खुमानी और हल्दी से बना रहीं हर्बल प्रोडक्ट, ब्रांड को नाम दिया ‘पिछौड़ा’
पवन सिंह कुंवर/ हल्द्वानी. उत्तराखंड के युवा स्वरोजगार में दिलचस्पी दिखा रहे हैं और इसके साथ ही वे कुमाऊंनी कल्चर को भी प्रमोट कर रहे हैं. आज हम बात कर रहे हैं हल्द्वानी की बेटी चित्रा बिष्ट की, जो शहर में रहकर ही स्वरोजगार कर रही हैं. उत्तराखंड में कोरोना काल के बाद से स्वरोजगार की ओर रिकॉर्ड संख्या में युवाओं ने रुख किया है. इस लिस्ट में चित्रा बिष्ट का नाम भी शामिल है, जिन्होंने पर्सनल केयर उत्पादों से जुड़ा काम शुरू किया और नाम दिया पिछौड़ा (Pichora Herbal Products). यह उनका हर्बल प्रोडक्ट्स स्टार्टअप है. चित्रा ने कहा कि हम सारे हर्बल प्रोडक्ट बनाते हैं और पहाड़ में होने वाली बिच्छू घास, खुमानी, हल्दी आदि का हर्बल प्रोडक्ट बनाने में उपयोग करते हैं.
चित्रा बिष्ट हल्द्वानी के लामचौड़ की रहने वाली हैं. उन्होंने पिछौड़ा की शुरुआत 2021 में की थी. इस काम को शुरू करने से पहले उन्होंने काफी अध्ययन किया और फिर पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों से संपर्क किया. उन्होंने बताया कि पर्सनल केयर उत्पादों को सुरक्षा के साथ बनाया जाना बेहद जरूरी है. उन्होंने हर्बल प्रोडक्ट बनाने के लिए हल्द्वानी में ही एक यूनिट स्थापित की है.
पहाड़ के किसानों से मिलता है रॉ मैटेरियल
चित्रा ने बताया कि मुक्तेश्वर, नैनीताल व अन्य पर्वतीय स्थानों के किसान रॉ मैटेरियल प्रोवाइड कराते हैं. फिर इनसे बनने वाले प्रोडक्ट प्रोसेसिंग यूनिट में तैयार किए जाते हैं. मौजूदा वक्त में पिछौड़ा स्टार्टअप के अंतर्गत पर्सनल केयर से जुड़े 20 से ज्यादा उत्पाद बनाए जाते हैं. इस लिस्ट में हेयर ऑयल, बॉडी स्क्रब, लिप बाम, बॉडी ऑयल, फेस वॉश समेत कई प्रोडक्ट शामिल हैं. इन सभी उत्पादों की अलग-अलग वैरायटी है. उन्होंने बताया कि लोग ऑनलाइन www.pichora.in लेवल पर देशभर में मार्केटिंग कर रहे हैं. इन प्रोडक्ट्स की कीमत की बात करें, तो 159 रुपये से 699 रुपये तक की कीमत में ये प्रोडक्ट आपको आसानी से मिल जाएंगे. इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी पिछौड़ा के उत्पादों को लोग खरीदते हैं. चित्रा ने बताया कि करीब 10 से ज्यादा लोग पिछौड़ा स्टार्टअप से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं, इसमें किसान और प्रोसेसिंग यूनिट की टीम भी शामिल है.
केमिकल प्रोडक्ट से बेहतर है हर्बल उत्पाद
चित्रा बिष्ट बताती हैं कि बाजार में कई ऐसे उत्पाद हैं, जो नुकसान पहुंचा सकते हैं क्योंकि उनमें केमिकल होता है. पर्सनल केयर उत्पादों को प्राकृतिक तरीकों से भी बनाया जा सकता है. बतौर उत्तराखंडवासी मुझे मालूम था कि इन उत्पादों को बनाने में सहायक रॉ मैटेरियल पहाड़ी क्षेत्रों में मिल जाता है. इस वजह से इस दिशा में काम करने का फैसला किया. वहीं पिछौड़ा उत्तराखंड का एक लोक-परिधान है, जिसे शुभ कार्यों में विवाहित महिलाओं द्वारा धारण किया जाता है. सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ते हुए हमने अपने स्टार्टअप को यह नाम दिया है. हमारी कोशिश है कि लोगों को सुरक्षित प्रोड्क्ट मुहैया कराएं ताकि उनका विश्वास हर्बल उत्पादों की तरफ बढ़े. चित्रा बिष्ट ने आर्यमान विक्रम बिरला स्कूल से इंटर तक की शिक्षा हासिल की. इसके बाद उन्होंने नैनीताल के डीएसबी परिसर से ग्रेजुएशन किया और फिर केबिन क्रू के रूप में काम किया. साल 2021 से वह अपने भाई के साथ पिछौड़ा स्टार्टअप पर काम कर रही हैं.
.
Tags: Haldwani news, Local18, Uttarakhand news
FIRST PUBLISHED : October 12, 2023, 14:45 IST