रिपोर्ट : हिमांशु जोशी
पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पीलिया के मरीजों की संख्या में तेजी आ रही हैं . हालात यह है कि एक 17 वर्षीय लड़की की मौत पीलिया के कारण हो गई . पीलिया होने का मुख्य कारण दूषित पानी और दूषित भोजन होता है , इसलिए जल संस्थान विभाग ने सभी प्राकृतिक जल स्रोतों की जांच कर दूषित जल स्रोतों की सूची तैयार की है, जिसे जिला अस्पताल में चस्पा किया गया है. सभी नागरिकों को सचेत करते हुए बताया गया है कि शहर के नजदीक 27 जल स्रोतों में से 22 स्रोतों का पानी बिल्कुल भी पीने लायक नहीं है. बाकी अन्य पांच प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी उबाल कर ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश जोशी ने बताया कि पिछले महीने नगर में पीलिया रोग फैला, तो डीएम के आदेश पर पानी की जांच की गई . जांच में पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए जाने की पुष्टि हुई थी, जो शरीर के लिए घातक है. तब जल संस्थान ने साफ किया था कि 22 प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी पीने योग्य नहीं है. इसके बाद भी लोग प्राकृतिक स्रोतों से पानी पी रहे हैं, जिसको देखते हुए अब विभाग ने पूरी सूची ही जिला अस्पताल में चस्पा कर दी है.
जल संस्थान के अनुसार बी क्लास और सी क्लास पानी
पपदेव धारा, धनौड़ा निकट मंदिर, रई धारा, ओली भवन के पीछे जाखनी नौला, जाखनी नौला द्वितीय, लिंठ्यूड़ा धारा, मल्ली दौला धारा, निकट बीआरसी नौला, निकट नीकलंठ धारा, पांडेगांव नौला निकट शनि मंदिर, कुसौली नौला, खड़कोट नौला, लिंठ्यूड़ा धारा निकट टीचर्स कालौनी, हुड़ेती नौला, ऐंचोली धारा निकट शिव मंदिर, आरएफसी गोदाम धारे के पानी पीने योग्य नहीं है. चिमस्यानौला, टकाना खड़ी गली नौला, शिवालय मंदिर धारा निकट स्टेशन, विवेकानंद डाउन नौला, विवेकानंद ऊपर नौला, पंप हाउस के पीछे रई नौला शिवालय मंदिर धारा के पानी पीने योग्य नहीं है. इन धारों और नौलों का पीसीबी मानक के अनुसार सी क्लास है. इनका प्रयोग पीने के लिए पूर्ण रूप से वर्जित है.
सिर्फ इन स्रोतों का पानी ठीक
महादेव धारा हुड़ेती, पंडा धारा, डॉन बास्को स्कूल धारा, घुपौड़ नौला और धारा निकट अनुमान मंदिर फिलिंग प्वाइंट. इन धारों की पीसीबी नॉर्म्स गुणवत्ता एक क्लास है. हालांकि यहां का पानी उबालना जरूरी है. जलसंस्थान ने सूची तो चस्पा कर दी है, मगर अस्पताल आने वाले लोग इस पर कम ही ध्यान देते हैं. कई लोग अब भी दूषित धारों से ही पानी पी रहे हैं. फिलहाल प्रशासन लोगों को इनके बारे में सतर्क करने की योजना बना रहा है.
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Tags: Drinking water crisis, Pithoragarh news, Uttarakhand news
FIRST PUBLISHED : February 16, 2023, 15:59 IST
