जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र के अभिभाषण के साथ ही 16वीं विधानसभा का सत्र शुरू हुआ। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार के विजन और प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती सरकार के काम पर भी कई सवाल उठाए। राज्यपाल के अभी भाषण के दौरान ही रालोपा विधायक हनुमान बेनीवाल ने आरपीएससी को भंग करने की मांग करते हुए हंगामा किया।
सदन की कार्रवाई शुरू होते ही राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों के चलते प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर रहा। चुनावी वैतरणी पार करने के लिए बिना वित्तीय प्रबंधन बनाई योजनाओं की समीक्षा होगी, उन्हें गहन छानबीन के बाद ही लागू किया जाएगा। भैरोंसिंह शेखावत ने अंत्योदय का नारा दिया था। उनकी अंत्योदय योजना की वजह से ही हमारी सरकार अंत्योदय का सपना साकार करेगी। विश्व बैंक के अध्यक्ष ने शेखावत को भारत के रॉकफेलर की संज्ञा दी थी। पूर्ववर्ती सरकार के टेंडर स्कैम की वजह से जल जीवन मिशन (जेजेएम) जैसी योजना में राजस्थान पिछड़ गया। जिन भी लोगों ने इस योजना में भ्रष्टाचार किया है उन्हें भी सजा दिलाई जाएगी। पिछली सरकार के अंग्रेजी मीडियम स्कूलों की समीक्षा होगी। भजनलाल सरकार गहलोत सरकार की चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना की समीक्षा करेगी। पिछली सरकार ने केंद्र की आयुष्मान योजना को चिरंजीवी का नाम देकर केवल वाहवाही लूटी। सरकार अब आयुष्मान भारत योजना को जनकेंद्रित बनाकर लागू करेगी।
अब तीन दिन नहीं चलेगी विधानसभा, 23 जनवरी से फिर शुरू होगा सदन
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के अध्यक्ष में कार्य सलाहकार समिति की बैठक की गई। बैठक में विधानसभा के आगामी दिनों के कामकाज तय किए गए। अगले तीन दिन विधानसभा में अवकाश रहेगा। वहीं, 23, 24 और 29 जनवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस होगी। 30 जनवरी को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राज्यपाल के अभी भाषण पर होने वाली बहस का सदन में जवाब देंगे। इसके बाद 30 जनवरी को फिर से कार्य सलाहकार समिति की बैठक में सदन का आगे का कामकाज तय किया जाएगा।
