जयपुर। तंबाकू के सेवन से मुंह के कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ओरल कैंसर के कारणों में लगभग 80 फीसदी वजह तंबाकू के सेवन को माना गया है। ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे 2019 के अनुसार प्रदेश में 13 से 15 साल के बच्चे जो तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं, उनमें से 93.8 प्रतिशत स्कूलों में तंबाकू उत्पादों का सेवन करते है। करीब 16.3 प्रतिशत किशोर तंबाकू उत्पादों का सेवन किसी न किसी रूप में कर चुकें हैं। इस दौरान पाया गया कि ग्रामीण क्षेत्र में 12.1 प्रतिशत यूजर है, वहीं शहरी क्षेत्र में इसका प्रतिशत 5.6 है।
हर पांच पुरुषों में एक को कैंसर
भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल के सीनियर मेडिकल आॅन्कोलॉजिस्ट डॉ. ताराचंद गुप्ता ने बताया कि भारत में रोज करीब 3500 लोग तंबाकू जनित बीमारियों के चलते जान गवां देते हैं। भारत जैसे देश की बात करें तो मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू को माना गया है।
किस तरह छोड़ें तंबाकू
नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के कंसल्टेंट मेडिकल आॅन्कोलॉजी डॉ. रोहित स्वामी ने बताया कि इसके लिए सही समय पर डॉक्टर से संपर्क करना और जीवन शैली में बदलाव जरूरी है। डॉक्टर्स, निकोटीन पैच दवाएं या अन्य थैरेपी के माध्यम से मरीज को ठीक करने का प्रयास करते हैं। इसके अलावा घर या फिर सार्वजनिक स्थलों को धूम्रपान मुक्त वातावरण बनाने का प्रयास काफी लोगों को राहत देने का काम करेगा। कंसल्टेंट हेड एंड नेक कैंसर डॉ. दीपांशु गुरनानी ने बताया कि जैसे ही इसके लक्षण दिखाई दें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसका सबसे सफल उपचार सर्जरी है।
मुंह का कैंसर होने पर रेडिएशन थैरेपी है बेहतर
रेडिएशन डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. निधि पाटनी ने बताया कि मुंह का कैंसर होने पर आधुनिक रेडिएशन थेरैपी के माध्यम से कैंसर के इलाज में काफी सफलता मिलती है। इसमें केंद्रित रेडिएशन किरणों की शक्ति का उपयोग करके स्वस्थ टिश्यू को बचाते हुए उपचार किया जाता है। कैंसर कोशिकाओं को प्रभावी ढंग से टारगेट और नष्ट करते हैं।
यू बनता है मुंह के कैंसर की वजह
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के रेडियोथेरेपी आन्कोलॉजी विभाग के यूनिट हेड व सीनियर प्रोफेसर डॉ. रवींद्र सिंह गोठवाल ने बताया कि जब कोई तंबाकू, पान मसाला या गुटखा को मुंह के अंदर रखता है और जितनी देर रखता है, उतनी देर का टाइम आफ एक्सपोजर होने पर उसका एब्जॉर्शन रक्त में होता रहता है। इस एब्जॉर्शन के जरिए ही तंबाकू के कैंसर फैलाने वाले एलिमेंट्स मुंह में घुलकर कैंसर का कारण बन जाते हैं।
