पिथौरागढ़. उत्तराखंड के पहाड़ों में सरकारी स्कूलों की हालत किसी से छिपी नहीं है. साल दर साल पहाड़ों में सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर होने के बजाय गर्त में ही जाते रही है. बात पिथौरागढ़ जिले की करें, तो यहां कई स्कूलों में टीचरों की भारी कमी है, जिसके चलते कई गांव पलायन करने को भी मजबूर हो गए हैं. आज हम राजकीय इंटर कॉलेज सल्ला चिंगरी की बात कर रहे हैं, जहां इंटरमीडिएट में विज्ञान विषय का संचालन ही नहीं होता है, जिस कारण परिजन अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं. यहां के लोग लंबे समय से स्कूल में विज्ञान विषय की मांग कर रहे हैं. इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं होने से अभिभावकों में गहरी नाराजगी है.
राजकीय इंटर कॉलेज में सिर्फ आर्ट विषय की पढ़ाई हो रही है, जिसमें भी अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषय के भी टीचर नहीं हैं. इस इंटर कॉलेज में 290 छात्र हैं. छात्र संख्या अधिक होने के बावजूद भी यहां अभी तक विज्ञान विषय में पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है.
पलायन को मजबूर परिजन
ग्राम प्रधान राकेश सिंह घटाल ने बच्चों के भविष्य की अनदेखी पर सवाल उठाते हुए कहा कि विज्ञान विषय के अभाव में बच्चों की पढ़ाई के लिए लोगों को गांव से बाहर जाना पड़ रहा है. अगर यही हाल रहा, तो पलायन से पूरा गांव खाली हो जाएगा. उन्होंने विद्यालय में स्टाफ, शिक्षकों की तैनाती और विज्ञान विषय की पढ़ाई शुरू करने की मांग की है.
जिलाधिकारी से मिले ग्रामीण
यहां के ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर डीएम रीना जोशी को भी ज्ञापन सौंपा है. शिक्षक अभिभावक संघ के अध्यक्ष भीम सिंह सौन और पूर्व अध्यक्ष सेरी चंद ने लोकल 18 से कहा कि साल 2011 से आज तक दूरस्थ विद्यालय को उपेक्षित छोड़ा गया है. मंत्रियों व अधिकारियों से पत्राचार के बावजूद भी उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने शीघ्र इस मामले में उचित कार्यवाही करने की मांग की है ताकि बच्चों को सही शिक्षा मिल सके और पलायन को रोका जा सके.
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FIRST PUBLISHED : July 3, 2024, 13:57 IST
