जयपुर, 8 अगस्त 2025: सीबीएसई ने निर्देश जारी किया है कि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों की न्यूनतम 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी। हालांकि बोर्ड ने कुछ विशेष परिस्थितियों में 25% तक की छूट भी दी है, बशर्ते उचित दस्तावेज प्रस्तुत हों। वहीं, उपस्थिति डेटा में गड़बड़ी पाए जाने पर संबद्धता खत्म करने का कदम भी उठाया जा सकता है।
क्यों जरूरी है 75% हाजिरी?
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने हाल ही में सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देशित किया है कि बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों की न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है समग्र शिक्षा न्यूज़। यह कदम सुनिश्चित करता है कि बोर्ड परीक्षा केवल नामांकन से नहीं, बल्कि सच्ची मौजूदगी पर आधारित हो।
किन परिस्थितियों में मिलेगी छूट?
हालांकि नियम स्पष्ट हैं, लेकिन बोर्ड ने कुछ विशेष परिस्थितियों में 25% उपस्थिति छूट की अनुमति भी दी है, जैसे:
- चिकित्सा आपात स्थिति
- राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी
- अन्य गंभीर परिस्थितियाँ, बशर्ते उचित दस्तावेज प्रस्तुत हों
उल्लंघन पर क्या कार्रवाई?
स्कूलों का उपस्थिति रिकॉर्ड औचक निरीक्षण किया जा सकता है। गड़बड़ी पाए जाने पर बोर्ड संबद्धता समाप्त करने तक का कदम उठा सकता है और विद्यार्थी को परीक्षा में बैठने से वंचित कर सकता है
स्कूलों के लिए SOP और फॉर्म की जानकारी
CBSE ने संबंधित SOP (Standard Operating Procedure) और आवेदन फॉर्म जल्द ही जारी करने का आश्वासन दिया है। स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते तैयार रहें और छात्रों को आवश्यक जानकारी प्रदान करें
https://www.cbse.gov.in/cbsenew/documents/Strict_Compliance_attendance_Eligibility_05082025.pdf
