Bageshwar : दिल्ली से पहाड़ आया था परिवार, नदी में बुझ गया घर का चिराग, बचाने वाला किशोर भी डूबा


सुष्मिता थापा
बागेश्वर. ज़िले में नदी में डूबने के एक और हादसे की खबर है. गरुड़ में गोमती नदी में नहाने गए दो किशोरों की डूबने से मौत होने पर कोहराम मच गया. दोनों लड़कों को बचाने के लिए ग्रामीण नदी पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत से उन्हें निकाला, लेकिन तब तक वो दम तोड़ चुके थे. गोमती नदी में हादसे का शिकार 14 वर्षीय लक्की नेगी कुछ दिन पहले ही दिल्ली से अपने गांव आया था.

दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करने वाले हरीश नेगी के पुत्र लक्की नदी में नहाने गया था, तब यह हादसा हुआ. जब लक्की गहराई वाले एक स्पॉट पर जाकर डूबने लगा, तब उसे बचाने के लिए 17 वर्षीय कश्यप नेगी आगे बढ़ा, लेकिन वह भी खुद को संभाल नहीं सका. हो हल्ला मचने पर स्थानीय तैराकों ने नदी में उतरकर दोनों को बाहर तो निकाल लिया लेकिन तब तक दोनों की जान जा चुकी थी. बताया जा रहा है कि लक्की के घर पूजा थी इसलिए वह दिल्ली से यहां आया हुआ था.

गर्मी में बढ़ रहे हैं डूबने के हादसे
स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां होने के बाद कई लोग अपने गांव लौट रहे हैं. मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले परिवार भी पहाड़ में रिश्तेदारों के यहां या ननिहाल पहुंच रहे हैं. बाहर से आए बच्चे स्थानीय बच्चों के साथ घुल मिलकर पास की नदियों में चले जाते हैं. अभिभावक या तो इससे अनजान रहते हैं या फिर काबू नहीं कर पाते. ऐसे में डूबने के हादसों की संख्या बढ़ रही है.

ज़रा सी असावधानी के चलते कई हादसे हो रहे हैं. करीब दो महीने पहले बैजनाथ झील में अल्मोड़ा के एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी. कुछ ही दिन पहले बागेश्वर में एक बच्ची की मौत हो गई थी और कपकोट में नदी में नहाने गए एक बुज़ुर्ग की भी डूबने से जान चली गई थी. हालांकि स्थानीय लोगों की सतर्कता से कुछ हादसों को टाला भी जा रहा है.

बच्चों ने ही बच्चे को डूबने से बचाया
गर्मी से निजात पाने के लिए भी सरयू नदी में नहाने वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है. बुधवार को विकास भवन पुल के पास सरयू में नहाते वक्त एक बालक नदी में फंस गया. प्रत्यक्षदर्शी नवीन कुमार ने बताया कि वह घबरा गए थे और बालक को बचाने के लिए जा ही रहे थे कि नदी में मौजूद अन्य बच्चों ने ही फौरन मदद करते हुए डूबते बच्चे को बचा लिया.

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