Kanwar Yatra Live Update : कांवड़ यात्रा के लिए बुलंदशहर में तीन दिन बंद रहेंगे स्कूल, आदेश न मानने पर गिरेगी गाज
कांवड़ यात्रा (फाइल फोटो)
बुलंदशहर के इस मंदिर में लगाए जाएंगे कैमरे, पुलिसकर्मियों को लगातार ड्यूटी करने को कहा गया
नाम लकी पंडित, कंधे पर ‘मुलायम शिव’, अनूठी यात्रा पर ये कांवड़िया
देश के कई हिस्सों में कांवड़ यात्रा चल रही है. हरिद्वार के लिए एक अनोखा कांवड़िया भी निकल चुका है. भोले का ये भक्त ‘मुलायम शिव कांवड़ यात्रा’ लेकर निकला है. जिस कांधे पर मुलायम सिंह ने कभी हाथ रखा, उसी कांधे से ये सपा कार्यकर्ता ‘मुलायम शिव कांवड़’ लेकर निकला है. लकी पंडित कांवड़ लेकर रोजाना 50 से 55 किलो मीटर की दूरी तय कर रहे हैं. वे 23 जुलाई को इटावा में मुलायम सिंह यादव की स्मृति में बनाये जा रहे केदारेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करेंगे.
सावन मास की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद राजीव राय के कांवड़ियों को बेरोजगार बताने वाले बयान ने विवाद को जन्म दे दिया है. इस बयान पर गाजियाबाद के लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने सपा पर सनातन धर्म विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा का असली चेहरा सामने आ गया है. ये लोग हज, तबलीगी जमात या अन्य जुलूसों पर कभी सवाल नहीं उठाते, लेकिन सनातन धर्म के आयोजनों को निशाना बनाते हैं. यह सिर्फ मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति है. जनता अबकी बार इन्हें बयान देने लायक भी नहीं छोड़ेगी.
दूसरी ओर मुरादाबाद से इंडियन मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना कौसर हयात खान ने कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ते उत्पात और हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा, जो एक धार्मिक आयोजन है, अब उत्पात और हिंसा का पर्याय बन गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांवड़ियों द्वारा मारपीट, वाहनों को क्षतिग्रस्त करना और अन्य हिंसक गतिविधियां आम हो गई हैं और यह सब पुलिस की मौजूदगी में हो रहा है. मौलाना ने लिखा, यूपी और उत्तराखंड सरकारें कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बयान जारी करती हैं, लेकिन आम नागरिकों की सुरक्षा को पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है. कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. उन्होंने गृह मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर कानून व्यवस्था बहाल करने की मांग की है.
उत्तराखंड में पहाड़ी जिलों में संक्रांति के साथ ही सावन माह की शुरूआत हो गई है. सावन माह की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में आदि केदारेश्वर मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. भक्त सुबह से ही भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं.
कांवड़ यात्रा में भी शिवभक्तों का उत्साह चरम पर है. इस बीच, दिल्ली के दो शिवभक्तों ने देशभक्ति की मिसाल पेश की है. उन्होंने बताया कि वे ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों के सम्मान में कांवड़ उठा रहे हैं. उनका कहना है, ष्हमारा मन देश की सेवा करने का था, लेकिन किसी कारणवश हम बॉर्डर पर नहीं जा सके. इसलिए हर साल हम शहीदों और देश की रक्षा करने वाले जवानों के लिए कांवड़ उठाते हैं, ताकि वे सुरक्षित रहें. उनका मकसद अन्य शिवभक्तों को भी देशसेवा के लिए प्रेरित करना है.
सावन माह शुरू होते ही कांवड़ यात्रा की धूम मची हुई है. कांवड़ियों में आस्था चरम पर देखी जा रही है. कांवड़ यात्रा को लेकर उत्साह का माहौल है. लाखों शिवभक्त पवित्र सावन मास में गंगा जल लेकर अपने आराध्य भगवान शिव को अर्पित करने के लिए कांवड़ यात्रा पर निकल पड़े हैं. यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाती है. वहीं कई जगह कांवड़ियों द्वारा उत्पात मचाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं. इधर उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में सावन माह की आज से शुरूआत हो गई है. यहां सुबह से ही शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ा पड़ा है.
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के बरेली सराय क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान दो दिन पहले हुई एक घटना ने तूल पकड़ लिया है. कांवड़ियों द्वारा सड़क जाम करने और नारेबाजी की घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना कांवड़ियों और स्थानीय लोगों के बीच मामूली विवाद से शुरू हुई, जिसके बाद कांवड़ियों ने सड़क पर जाम लगा दिया और नारेबाजी की. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की और अब इस मामले की जांच की जा रही है.
पहाड़ों में सावन की धूम, शिवालयों में भक्तों की भीड़
सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड के शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है. गोपीनाथ, कल्पेश्वर महादेव, और ज्योतेश्वर महादेव मंदिरों में शिव भक्त गंगाजल से जलाभिषेक कर रहे हैं. हरिद्वार, ऋषिकेश, और अन्य पवित्र स्थानों पर श्हर-हर महादेवश् के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया है. इस दौरान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है.
हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले में कुछ कांवड़ियों के हिंसक व्यवहार ने स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी पैदा कर दी है. बीते रविवार रात को अपर रोड पर एक दुकानदार के साथ मारपीट और उसकी दुकान में तोड़फोड़ की घटना के बाद व्यापार मंडल ने प्रशासन के साथ बैठक की. व्यापारियों ने कांवड़ियों के उपद्रव पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं व्यापारियों में डर का माहौल पैदा कर रही हैं, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस पर रोक नहीं लगाई, तो वे आगे कड़े कदम उठा सकते हैं.
ऋषिकेश नीलकंठ महादेव में जलाभिषेक के लिए उमड़ी भीड़
ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव मंदिर में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है. भक्त गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं. सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमी शुरू किया है, जिसके तहत मेला क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. ड्रोन और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी की जा रही है ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो.
जागेश्वर धाम में श्रावणी मेले की शुरुआत
उत्तराखंड के जागेश्वर धाम में आज से श्रावणी मेले की शुरुआत हो रही है, जो एक माह तक चलेगा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ मेले का शुभारंभ करेंगे. इस दौरान भगवान शंकर का जलाभिषेक, पार्थिव पूजा, और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे. मेले में देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, और प्रशासन ने सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं को पुख्ता करने का दावा किया है.