Mahatma Gandhi English Medium Schools का रिव्यू करने की बजाय व्यवस्थाएं सुधारने की दरकार
जयपुर। प्रदेश के महात्मा गांधी स्कूल इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि राजस्थान सरकार और शिक्षा विभाग महात्मा गांधी इंग्लिश माध्यमिक स्कूलों को रिव्यू कर हिन्दी माध्यमिक करने की तैयारी कर रही है। मामले में अभिभावकों का कहना है कि रिव्यू करना ही था तो इंग्लिश मीडियम स्कूलों की बिल्डिंग, विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था, स्कूलों में पर्याप्त शौचालय और सबसे जरूरी शिक्षकों की भर्ती पर रिव्यू करना चाहिए था। मूल विषयों को छोड़कर सरकार उसकी जड़ को ही खत्म करने की तैयारी कर रही है। जिससे साफ हो रहा है कि सरकार निजी स्कूलों को संरक्षण दे रही है। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने अव्यवस्थाओं के साथ हिन्दी माध्यमिक स्कूलों को महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में तब्दील कर दिया, जिनमें लगभग साढ़े आठ हजार से अधिक शिक्षकों का गहरा अभाव था, किंतु सत्ता में रहते हुए कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने अंत तक उन भर्तियों रोके रखा, आज तक भी यह भर्तियां नहीं हो पाई है।
जरूरत से अधिक आवेदन
आज जिन महात्मा गांधी स्कूलों में पूरी व्यवस्थाएं है वहां जरूरत से ज्यादा आवेदन विभाग को प्राप्त हो रहे हैं, किंतु जिन स्कूलों में व्यवस्थाएं नहीं है। शिक्षक नहीं है वहां कोई भी अभिभावक या विद्यार्थी क्यों आवेदन करेंगे, अव्यवस्थाओं से संचालित प्रदेश कोई 100 या 200 स्कूल नहीं है, बल्कि हजारों स्कूल है जिन पर ध्यान देकर दुरुस्त करने की अभिभावक गुहार लगा रहे हैं जिससे गरीब और जरूरतमंद अभिभावकों के बच्चों को भी एक सामान और बेहतर शिक्षा मिल सके।