देहरादून. उत्तराखंड के देहरादून में अब शिक्षा के नाम पर ही ठगी की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं. दरअसल सोमवार को भिलाई (छत्तीसगढ़) निवासी हिना राठौड़ ने डीजीपी अशोक कुमार से मुलाकात कर कोचिंग सेंटर की ओर से की जा रही धोखाधड़ी की शिकायत की. शिकायत में महिला ने बताया कि उनका बेटा पराग राठौड़ डीपीएस भिलाई में सीबीएसई का छात्र था. एक दिन उनको नेट पर सर्च के दौरान देहरादून में स्कूल के साथ-साथ एनडीए कोचिंग करवाने वाले ऑफिसर एनडीए एकेडमी का नाम दिखा,जिसमें एनडीए के छात्रों को कोचिंग दिए जाने संबंधी जानकारी दी गई थी.
वहीं, संपर्क करने पर कोचिंग सेंटर की ओर से बताया गया कि उनका पेस्टल विल स्कूल (Pestle Weed School) के साथ समझौता है. बच्चों को सुबह वह स्कूल भेजते हैं, तो शाम को एनडीए की तैयारी करवाते हैं. इसके बाद उन्होंने करीब ढाई लाख रुपये देकर कोचिंग सेंटर में बच्चे का दाखिला करवाया, लेकिन एक साल बीत जाने पर भी न किसी स्कूल में एडमिशन मिला और न ही उनको एनडीए की कोई ट्रेनिग दी गई. ऐसे में बच्चे का पूरा साल खराब हो गया.
पिस्टल विड स्कूल ने कही ये बात
यही नहीं, शिक्षा के नाम पर ठगी के बाद जब कई बच्चों के परिजन पिस्टल विड स्कूल में पहुंचे तो स्कूल के चेयरमैन प्रेमकुमार कश्यप ने बताया कि एकेडमी को उन्होंने होस्टल किराए पर दिया था. एकेडमी पर उनका 34 लाख रुपये बकाया है. धनराशि मांगने पर एकेडमी के स्टाफ ने बच्चों को कहीं और शिफ्ट कर दिया.
160 बच्चों के साथ हुआ खिलवाड़
शिकायतकर्ता ने बताया कि एकेडमी की ओर से 160 बच्चों के साथ खिलवाड़ किया गया है. उनका एक साल खराब हो गया है. एकेडमी की ओर से बच्चों के स्वजनों को गुमराह किया जा रहा है. इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को शिकायत सौंपी है.
मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि एकेडमी की ओर से बच्चों के स्वजनों को धोखे में रखकर उनका दाखिला करवाने की शिकायत मिली है. यह बहुत ही गंभीर मामला है. एसएसपी को इस मामले की जांच सौंपी गई है. जांच में यदि शिकायत सही पाई जाती है तो आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अगली कार्रवाई की जाएगी.
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