Politics of Uttarakhand: कुछ ही घंटों में CM धामी के लिए सीट छोड़ेंगे गहतोड़ी, बदले में क्या पाएंगे?


देहरादून. उत्तराखंड के सियासी गलियारों में ये खबर पक्की हो गई है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंपावत सीट से उपचुनाव लड़ने जा रहे हैं. चंपावत विधानसभा क्षेत्र से विधायक कैलाश गहतोड़ी ने अपनी सीट दूसरी बार जीतकर जो विधायकी हासिल की, उसे वह सीएम धामी के लिए कुर्बान कर रहे हैं. इस बार 5000 से ज़्यादा मतों से जीत दर्ज करने वाले गहतोड़ी को सीट कुर्बान करने के एवज़ किस ज़िम्मेदारी से नवाज़ा जाएगा, ये अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन यह तय हो गया है कि वह यह सीट कब छोड़ेंगे.

फोन पर न्यूज़18 से बातचीत में गहतोड़ी ने कहा कि वह गुरुवार को विधानसभा भवन पहुंचकर विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफ़ा देंगे. इस्तीफ़ा देने के बाद गहतोड़ी विधानसभा में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना नज़रिया सामने रखेंगे. इससे पहले गहतोड़ी मंगलवार रात को देहरादून पहुंचे, जहां उन्होंने सीएम धामी से मुलाकात करने के बाद पार्टी के महामंत्री संगठन अजेय कुमार को भी औपचारिक रूप से अपने रिज़ाइन की सूचना दी. कुमार ने भी इस बात की पुष्टि की.

धामी ने क्यों पसंद की चंपावत सीट?
चंपावत सीट को जातिगत समीकरणों के आधार पर धामी के लिए मुफ़ीद माना गया. यहां करीब 54 फीसदी ठाकुर मतदाता हैं, तो 24 फीसदी ब्राह्मण, 18 फीसदी दलित और चार फीसदी मुस्लिम वोटर हैं. दूसरे चंपावत धामी की परंपरागत खटीमा सीट से लगी हुई है इसलिए वह यहां के राजनीतिक, जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों से परिचित भी हैं. ऐसे तमाम कारणों से ये सीट धामी की सबसे पसंदीदा और सुरक्षित सीटों में मानी जा रही है.

कब होगा चंपावत में उपचुनाव?
माना जा रहा है कि धामी जल्द से जल्द उपचुनाव में जाना चाहते हैं. विधानसभा अध्यक्ष को गहतोड़ी का इस्तीफ़ा मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय चुनाव आयोग को एक सीट खाली होने की सूचना देगा. इसके बाद आयोग उपचुनाव की तैयारी करेगा. माना जा रहा है कि जून तक उपचुनाव हो सकता है. गौरतलब है कि धामी अपनी विधानसभा खटीमा से चुनाव हारने के बाद भी मुख्यमंत्री बने हैं इसलिए उन्हें उपचुनाव जीतकर विधानसभा सदस्यता सुनिश्चित करनी है.

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