Success Story: उत्तराखंड की जुड़वा बहनें बनीं SDM, इस तरह रचा इतिहास


नई दिल्ली (Success Story, SDM Yukta Mishra and Mukta Mishra). उत्तराखंड के नैनीताल की जुड़वा बेटियां कई सालों से चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं. नैनीताल की रहने वाली जुड़वा बहनें युक्ता मिश्र और मुक्ता मिश्र (Twin Sisters Yukta Mishra and Mukta Mishra) अलग-अलग जिलों में SDM के पद पर कार्यरत हैं.

सरकारी नौकरी में उच्च पद पर आसीन युक्ता मिश्र और मुक्ता मिश्र (Yukta Mishra and Mukta Mishra Success Story) कई सालों से अपनी सफलता के झंडे गाड़ रही हैं. ये जुड़वा बहनें सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश की बेटियों के लिए मिसाल हैं. इन दोनों ने न सिर्फ एक साथ पढ़ाई की, बल्कि सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) के लिए भी इनका चयन साथ में ही हुआ था.

पैदा होते ही जुड़ी किस्मत
युक्ता मिश्र और मुक्ता मिश्र का जन्म चमोली निवासी हेमा मिश्र और केडी मिश्रा के घर पर हुआ था (Yukta Mishra and Mukta Mishra Family). इन जुड़वा बहनों की पढ़ाई गोपेश्वर, बरेली और सहारनपुर में हुई थी. दोनों बचपन से ही पढ़ाई में काफी होशियार थीं और अपने लक्ष्य के प्रति अडिग भी. उन्होंने बरेली कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी.

साथ में जॉइन की पोस्टल सर्विस
युक्ता मिश्र और मुक्ता मिश्र ने ग्रेजुएशन के दौरान ही पोस्टल असिस्टेंट पद के लिए परीक्षा दी थी. कमाल की बात है कि दोनों ही बहनें इसमें सफल हो गई थीं. फिर दोनों अल्मोड़ा के डाकघर में सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) करने लगी थीं. इसके साथ ही अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना कैंपस में प्राइवेट स्टूडेंट के तौर पर एडमिशन लेकर आगे की पढ़ाई भी करती रहीं.

उत्तराखंड PCS में किया था टॉप
2014 में उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद दोनों बहनें चर्चा में आ गई थीं. उस समय युक्ता हल्द्वानी आरटीओ ऑफिस में बतौर परिवहन कर अधिकारी नियुक्त थीं. महिला वर्ग में मुक्ता ने प्रदेश में पहला और युक्ता ने दूसरा स्थान हासिल किया था. ओवरऑल युक्ता मिश्र ने पीसीएस में सातवीं और मुक्ता ने चौथी रैंक हासिल कर सबको हैरान कर दिया था.

SDM के पद पर तैनात हैं जुड़वा बहनें
फिलहाल युक्ता मिश्र डोईवाला की एसडीएम (SDM) हैं और मुक्ता मिश्र कोटद्वार की. रुद्रप्रयाग में एसडीएम सदर के पद पर तैनात रहने के दौरान मुक्ता मिश्र युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग देती थीं. 2018 में उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज रुद्रप्रयाग में सुबह आठ से दस बजे तक नियमित कोचिंग क्लासेस संचालित की थीं.

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Tags: Success Story, Uttarakhand news, सरकारी नौकरी

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