Tag: उत्तराखंड की संस्कृति

पहाड़ के वाद्ययंत्रों से सजा 'उत्तराखंड लोक विरासत' का मंच, बहुत कुछ है खास

देहरादून. उत्तराखंड की संस्कृति को समेटे हुए राजधानी देहरादून में उत्तराखंड लोक विरासत का आज यानी रविवार को आखिरी दिन है. हरिद्वार रोड स्थित बलूनी स्कूल में आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम 14 दिसंबर से शुरू हुआ था. इसमें उत्तराखंड के पांरपरिक वाद्ययंत्रों जैसे- मशकबीन, ढोल, दमाऊ आदि का संगीत सुनने के साथ-साथ आप उत्तराखंड के व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे. उत्तराखंड के सुरों के सरताज गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण समेत कई लोक कलाकारों से पहाड़ के गीतों का भी आनंद ले पाएंगे. उत्तराखंड लोक विरासत के आयोजक डॉ केपी जोशी ने लोकल 18 को जानकारी ... Read more

उत्तराखंड का स्थापना दिवस : आज किन स्थितियों में है यह राज्य

उत्तराखंड का आज 25वां स्थापना दिवस है और इस अवसर पर हमने राज्य की वर्तमान स्थिति जानने के लिए प्रदेश के भौगोलिक, सामाजिक, राजनीतिक घटनाक्रमों पर करीब से नजर रखने वाले कुछ लोगों से बातचीत की. अस्कोट आराकोट यात्रा के एक यात्री की नजरों में आज का उत्तराखंड उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति पर सबसे पहले हमने चंदन डांगी के साथ विस्तार से बातचीत की. चंदन डांगी उत्तराखंड के भौगोलिक और सामाजिक बदलावों पर साल 1974 से हर 10 सालों में पैदल चलकर ही जानकारी जुटाने वाली लगभग 1200 किलोमीटर लंबी अस्कोट आराकोट यात्रा में तीन बार शामिल हुए हैं. वह ... Read more

Butter Fest: अब दुनिया देखेगी पहाड़ के लोग कैसे खेलते हैं मक्खन और छाछ की होली

हिना आज़मी/देहरादून. देशभर के कई राज्यों को अब उत्तराखंड के ‘अंडूरी’ महोत्सव की झलक देखने को मिलेगी. दून के कुछ युवाओं ने प्रदेश के उत्तरकाशी जिले के दयारा बुग्याल में होने वाले बटर फेस्टिवल पर आधारित फिल्म बनाई है. इसका सलेक्शन मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ है. अब यह फिल्म देश के पांच राज्यों में दिखाई जाएगी. बटर फेस्टिवल की खास बात यह है कि पहाड़ के लोग जिन्हें प्रकृति से जीवन यापन के लिए चीजें मिली हैं, ईश्वर और प्रकृति को धन्यवाद देने के लिए लोग मक्खन और मट्ठे की होली खेलते हैं. इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म के डायरेक्टर ... Read more

लखपत राणा का शानदार प्रयास ! स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के साथ सिखाई जाती है पहाड़ी संस्कृति और सभ्यता

सोनिया मिश्रा/रुद्रप्रयाग : पहाड़ों में निसंदेह प्रतिभा की कमी नहीं है. इस रिपोर्ट में आज हम आपको ऐसे ही एक शख्स से रूबरू करवाने वाले हैं,जो प्रसिद्ध रंगकर्मी और शिक्षाविद होने के साथ ही समाजसेवी और लोक संस्कृति के ध्वजवाहक भी हैं.यह शख्स हैं रूद्रप्रयाग की केदार घाटी के शिक्षाविद और प्रसिद्ध रंगकर्मी लखपत सिंह राणा जो अंग्रेजी माध्यम का ‘डॉ. जैक्सवीन नेशनल स्कूल’ नाम स्कूल चलाते हैं. अपने स्कूल में उन्होंने एक म्यूजियम भी बनाया है, जहां उत्तराखंड के पहाड़ी वाद्य यंत्र व पहाड़ी हस्तशिल्प से जुड़े सभी साजो-सामान मौजूद हैं. यहां आपको पहाड़ से संबंधित तमाम सामग्रियां देखने ... Read more