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रवीश कुमार का प्राइम टाइम : क्या हम भारतीय लोकतंत्र में मना सकते हैं ऐसा जश्न?

ख़ास कर उस देश में जहां आए दिन एक धर्म विशेष की आबादी के बढ़ जाने को लेकर भय पैदा किया जाता है. जनसंख्या नियंत्रण के कानून के नाम पर असुरक्षा पैदा की जाती है. ग़लत-सलत आंकड़ों का सहारा लेकर बताया जाता है कि जल्दी ही बहुसंख्यक अल्पसंख्यक हो जाएगा और अल्पसंख्यक बहुसंख्यक. इसलिए देश ख़तरे में है. बताइये उस देश में जश्न मन रहा है कि खुद को हिन्दू कहने वाले भारतीय मूल के ऋषि सुनक ईसाई बहुल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बन रहे हैं. तो क्या भारत की राजनीति से यह सवाल पूछा जा सकता है कि क्या ऐसी ... Read more