Tag: रवीश कुमार

क्या सत्ता ही तय करेगी देशभक्ति की परिभाषा?

22 साल की कुर्द लड़की माहसा अमीनी को गोली मार दी गई, माशा ज़बरन हिजाब पहनाए जाने का विरोध कर रही थी. ईरान में एक खास तबके की महिलाओं को हिजाब न पहनने की छूट है मगर यही कानून उसी तबके की तरफ से सारी महिलाओं पर थोपा जा रहा था. माशी अमीनी ने विरोध कर दिया. उसकी हत्या के बाद ईरान की तमाम महिलाएं सड़क पर आ गईं और ज़बरन थोपे जाने के फैसले का विरोध करने लगीं. इन्हीं महिलाओं के समर्थन में ईरान के खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान गाने से इंकार कर दिया. जिस देश में स्त्रियों का ... Read more

आटा नहीं अब डेटा से भरेगा पेट? बैंकों का डूबा कर्ज़, अपराध का दिखा धर्म

चुनाव के समय कई बयानों का कोई ओर-छोर नहीं होता है. लोग पूछ रहे हैं आटा महंगा है, प्रधानमंत्री कहते हैं डाटा सस्ता है. जनता पूछ रही है कि गैस का सिलेंडर महंगा हो गया. प्रधानंमत्री कह रहे हैं कि इंस्टा और रील देखना सस्ता हो गया है. मोदी सरकार है इसलिए 250-300 का डेटा मिल रहा है, वर्ना कांग्रेस की सरकार होती तो एक महीने का बिल 5000 रुपये का आ रहा होता. इतना बचा दिया है प्रधानमंत्री और उनकी सरकार की नीति ने. अगर यही हिसाब सही है तो फिर यह भी हिसाब हो कि गैस का सिलेंडर ... Read more

मोरबी पुल से जुड़ी कंपनी के मालिक के सपनों का भारत 

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को सौंप दिए गए । पचहत्तर मकान लापता हो गए । इस धनतेरस के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री तो साक्षात् मौजूद थे । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विडियो कांफ्रेंसिंग से शामिल हुए । उस दिन जितने मकान दिए गए उनमें से पचहत्तर मकान गायब हो गए । जिस आवास को प्रधानमंत्री सौंप रहे हो और वो मकान गायब हो जाए इससे बडा घोटाला कुछ और नहीं हो सकता है । हमारे सहयोगी अनुराग द्वारी ... Read more

भारतीय राजनीति का गुडमॉर्निकरण

हम राजनीति के अजीब दौर में प्रवेश कर गए हैं । कोई भी नेता कुछ भी आइडिया दे सकता है । चमकदार आइडिया जिसे सुनते ही लाइक करने का मन करे शेर करने लग जाए और उसे लेकर कमेंट में लोग भीड जाए । कोई सर्वे भी करने लग जाता है कि कितने प्रतिशत लोग नोट पर सावरकर की फोटो चाहते हैं और कितने प्रतिशत लोग गणेश लक्ष्मी की । इस तरह के नवीन नूतन आइडी हर दिन लॉन्च हो जाते हैं जिस पर आप लाइक करते हैं और जिसे लेकर कमेंट बॉक्स में भीड जाते हैं । ऐसे अनेक ... Read more

भारतीय राजनीति का गुडमॉर्निकरण 

मगर जब भी ऐसा आइडिया आता है, आप दो तीन दिन तक झगड़ते रहते रहें। दरअसल इनका मकसद यही होता है कि आप झगड़ने के बहाने समर्थक बने रहें और इसकी परीक्षा देते रहें। आए दिन नेता नया आइडिया खोज रहे हैं कि डिबेट हो और हेडलाइन छपे।ध्यान से सुनेंगे और देखेंगे तो अलग-अलग दलों के नेता एक ही तरह की भाषा बोलने लगे हैं। पूरा राजनीति गुड मार्निंग मैसेज की तरह हो गई है। उच्च विचारों, प्रेरक विचारों से भरी हुई है। भारत की राजनीति का गुडमार्निकरण हो गया है। बातें तो अच्छी होती हैं मगर काम ज़ीरो?  व्हाट्स ... Read more

रवीश कुमार का प्राइम टाइम : क्या हम भारतीय लोकतंत्र में मना सकते हैं ऐसा जश्न?

ख़ास कर उस देश में जहां आए दिन एक धर्म विशेष की आबादी के बढ़ जाने को लेकर भय पैदा किया जाता है. जनसंख्या नियंत्रण के कानून के नाम पर असुरक्षा पैदा की जाती है. ग़लत-सलत आंकड़ों का सहारा लेकर बताया जाता है कि जल्दी ही बहुसंख्यक अल्पसंख्यक हो जाएगा और अल्पसंख्यक बहुसंख्यक. इसलिए देश ख़तरे में है. बताइये उस देश में जश्न मन रहा है कि खुद को हिन्दू कहने वाले भारतीय मूल के ऋषि सुनक ईसाई बहुल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बन रहे हैं. तो क्या भारत की राजनीति से यह सवाल पूछा जा सकता है कि क्या ऐसी ... Read more

रवीश कुमार का प्राइम टाइम : मंदिर में कसम खाकर भी कर लिया दल बदल, गोवा में बीजेपी का विपक्ष मुक्त अभियान

इस साल जनवरी में जब चुनाव हो रहा था तब कांग्रेस के 37 उम्मीदवार, कभी चर्च में तो कभी मंदिर में तो कभी दरगाह में कसम खाते थे कि वे जीतने पर पार्टी नहीं बदलेंगे. इनमें से 11 जीत गए और 8 बीजेपी में चले गए. चुनाव के दौरान इन उम्मीदवारों को हमज़ा शाह दरगाह, बांबोलिम क्रास और महालक्ष्मी टेंपल ले जाया गया जहां उन्होंने कसम खाई कि जीतने पर पार्टी नहीं बदलेंगे. महालक्ष्मी आदि शक्ति का रूप मानी जाती हैं. इनके सामने कोई शपथ ले कि दल नहीं बदलेंगे, और वह दल बदल कर वहां चला जाए जो देवी ... Read more

रवीश कुमार का प्राइम टाइम : असली मुद्दों से भटके, अब कपड़ों पर अटके…

मैं इस तरह के जैकेट की बात कर रहा हूं जिसे आप सदरी कहते हैं, बंडी कहते हैं, जवाहर जैकेट कहते हैं. कई लोगों से बात करने पर पता चला कि नेताओं की जैकेट का कपड़ा आम तौर पर 15 से 20 हज़ार मीटर का होता है. डेढ़ मीटर कपड़े में एक जैकेट बन जाता है. इसकी सिलाई का खर्चा भी जोड़ लीजिए तो हैसियत और शौक के हिसाब से कई सारे नेताओं के जैकेट पचास-पचास हज़ार रुपये की होती है. जब 14000 रुपये की एक टी शर्ट की चर्चा हो रही है तब 30 हज़ार और 50 हज़ार रुपये ... Read more