Tag: हरेला पर्व
उत्तराखंड का वो त्योहार, जहां बीज बोने से शुरू होती है खुशहाली की कहानी
Last Updated:July 17, 2025, 14:38 IST बागेश्वर: उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत में हरेला पर्व का विशेष स्थान है. यह पर्व श्रावण मास की संक्रांति को मनाया जाता है और मुख्य रूप से कुमाऊं क्षेत्र में पारंपरिक उत्साह से मनाया जाता है. हरेला का अर्थ है ‘हरियाली’, जो खेती, प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ा हुआ है. हरेला पर्व उत्तराखंड में श्रावण मास को मनाया जाता है. इसे समृद्धि, खुशहाली और हरियाली के प्रतीक रूप में देखा जाता है. धार्मिक दृष्टि से यह त्योहार नई फसल की शुरुआत और पर्यावरण से जुड़े धार्मिक आस्था का प्रतीक है. ‘हरेला’ शब्द ही हरियाली से ... Read more
देहरादून में 1 लाख पौधों का होगा प्लांटेशन, जानिए क्या है ये खास ग्रीन प्लान..
Last Updated:July 14, 2025, 17:11 IST Dehradun News: बढ़ते शहरीकरण के कारण पेड़ों की घटती आबादी को बढ़ाने के लिए देहरादून नगर निगम इस बार हरेला पर्व पर तकरीबन 1 लाख पौधे लगाने जा रहा है, वो भी मियावाकी तकनीक से. आइए, जानते हैं इसके बारे में. हाइलाइट्स देहरादून में हरेला पर्व पर एक लाख पौधे लगाए जाएंगे. मियावाकी तकनीक से देहरादून में मिनी-जंगल उगाए जाएंगे. नगर निगम ने पौधरोपण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान की. देहरादून: उत्तराखंड की धरती पर हरियाली खुद-ब-खुद मुस्कुराती है. यहां की घाटियां, पहाड़ और मैदान प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर हैं. लेकिन जैसे-जैसे शहरीकरण की ... Read more
पर्यावरण प्रेम की मिसाल बनी धाद, प्रदेश के कोने-कोने में मनाएगी हरेला पर्व
हिना आज़मी/देहरादून. उत्तराखंड की बड़ी सामाजिक संस्था धाद इस बार विशेष रूप से महीने भर के लिए हरेला पर्व मनाने जा रही है जिसके मद्देनजर धाद संस्था अपने पर्यावरण प्रहरी की टीमों को गांव और शहरों में उतारेगी. नए पेड़ लगाने से लेकर पुराने पेड़ों को बचाने का अभियान शुरू किया जाएगा. इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक लोग शामिल होंगे. 16 जुलाई से यह हरेला पर्व शुरू हो गया है और 17 अगस्त तक महीनेभर के लिए मनाया जाएगा. धाद संस्था, पर्यावरण प्रेमियों का पेड़-पौधों के साथ इंसान का रिश्ता मजबूत करने के लिए पिछले तीन दशकों से काम ... Read more