Tag: देहरादून न्यूज़
'मोबाइल साइंस लैब' से विज्ञान को करीब से समझेंगे सरकारी स्कूल के छात्र
Last Updated:April 08, 2025, 22:50 IST Lab on Wheels Uttarakhand: मंगलवार को अच्छे रिजल्ट को देखते हुए उत्तराखंड के शेष जिलों में भी लैब ऑन व्हील्स की शुरुआत की गई. इसके अंतर्गत मॉडल, प्रयोगशाला, विज्ञानी गतिविधियों और प्रदर्शनों के माध्यम से छठवीं …और पढ़ें X title=मोबाइल साइंस लैब से विज्ञान को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे सरकार स्कूल के बच्चे /> मोबाइल साइंस लैब से विज्ञान को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे सरकार स्कूल के बच्चे देहरादून. उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों के स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाओं की मजबूती और विज्ञान को शिक्षा से जोड़ने के लिए पिछले साल ‘लैब्स ऑन व्हील्स’ ... Read more
Global Recycling Day: कबाड़ से शानदार कमाई, ये कमाल के रीसाइक्लिंग आइडिया…
Last Updated:March 18, 2025, 18:30 IST देहरादून में वेस्ट मटेरियल से बिजनेस के कई उदाहरण हैं, जैसे इको ग्रुप सोसाइटी प्लास्टिक बोतलों से चबूतरे बनाती है, राखी कतरनों से इयररिंग्स बनाती हैं, संतराम ड्रिफ्ट वुड से स्कल्पचर बनाते हैं. X रिसाइक्लिंग आइडिया के साथ हजारों की कमाई कर रहें हैं उत्तराखंड के ये लोग हाइलाइट्स देहरादून में वेस्ट मटेरियल से कारोबार कर रहे लोग. प्लास्टिक बोतलों से बगीचों के चबूतरे और स्टूल बनाए. कतरनों से इयर रिंग्स और पेंडेंट बनाकर बेच रहे हैं. देहरादून: रोजाना हम कई तरह की चीजों का इस्तेमाल करते हैं, जिनसे कूड़ा-करकट निकलता है. लेकिन क्या ... Read more
DAV कॉलेज के छात्र 10 दिनों से धरने पर, मांगें पूरी न होने पर करेंगे आंदोलन
देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को एजुकेशन हब कहा जाता है क्योंकि यहां बड़े-बड़े कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान स्थित हैं. देहरादून के महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज में न सिर्फ देहरादून बल्कि पहाड़ी जिलों से भी यहां पढ़ाई करने के लिए आते हैं. इस कॉलेज के कुछ छात्र पिछले 10 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर हैं. उनकी कुछ मांगे हैं, जिन्हें लेकर वह आंदोलन कर रहे हैं. इनमें शिक्षकों की नियुक्ति, छात्र-छात्राओं के बैठने की सही व्यवस्था, स्मार्ट क्लास और छात्रों के लिए फ्री बस पास बनाना प्रमुख हैं. इसी तरह की मांगों को लेकर छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. ... Read more
देहरादून के फाउंडेशन ने उठाई थर्ड जेंडर के लिए आवाज, बोले – 'परिवार का भी…'
हिना आज़मी/देहरादून: देश को आजाद हुए सात दशक बीत चुके हैं. समाज का हर तबका और हर वर्ग अपने विकास के लिए काम कर रहा है, लेकिन वहीं थर्ड जेंडर को आज भी कई दिक्कतें झेलनी पड़ रही है. अमेरिका में ट्रांसजेंडर को लेकर जून के महीने में एक आंदोलन हुआ था, जिसकी याद में देहरादून के द वॉयस ऑफ वॉरियर्स फाउंडेशन हर साल की तरह इस साल भी उनकी याद में ड्राइव चला रहा है. क्या बोलीं फाउंडेशन की अध्यक्ष देहरादून में एलजीबीटी समुदाय के लिए ‘द वॉयस ऑफ वॉरियर्स फाउंडेशन’ काम कर रहा है, जिसकी अध्यक्ष बीना रानो ... Read more
अनोखा कैफे….यहां स्वाद के साथ मिलेगी नाॅलेज, 3000 से ज्यादा किताबें मौजूद
अरशद खान/ देहरादून:उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को ऐसे ही एजुकेशन हब नहीं कहा जाता है. यहां स्थित ऐसी कई चीजे हैं, जो इस कहावत को चरितार्थ करती हैं. ऐसा ही एक शानदार उदाहरण पेश किया है देहरादून के वसंत विहार में स्थित मौल्यार बुक कैफे ने. यहां पर कस्टमर चाय-कॉफी और कॉन्टिनेंटल फूड के साथ कैफे में मौजूद 3000 किताबें पढ़ सकते हैं. यह एक ऐसा प्लेस है, जो आपको सोशल मीडिया से परे किताबों की ओर खींच कर लाता है. यहां पर किताबें पढ़ने के लिए सब्सक्रिप्शन सिस्टम भी लागू किया है, जो एक माह, तीन माह, 6 माह ... Read more
इस जांबाज फौजी ने जर्मनी के 350 सैनिकों को अकेले बनाया था बंदी, बहादुरी के अंग्रेज भी थे कायल
अरशद खान/ देहरादून:पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड ने देश को कई बहादुर सैनिक दिए हैं, लेकिन इसकी प्रेरणा उत्तराखंड वासियों को कहां से मिलती है, क्या आप यह जानते हैं. जी हां, प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उत्तराखंड के चंबा के एक छोटे से गांव मंज्यूण के रहने वाले गब्बर सिंह नेगी को जर्मनी की सेना के खिलाफ लड़ने का मौका मिला. उत्तराखंड के इस वीर सपूत ने जर्मनी के 350 सैनिक और अधिकारियों को अकेले ही युद्ध में बंदी बना लिया था. इस युद्ध में बहादुरी से लड़ते हुए सिर्फ 20 साल की उम्र में चंबा के गब्बर सिंह नेगी वीरगति ... Read more
सड़क हादसे में हुई अंकल की मौत, भतीजी कर रहीं ऐसा काम ताकि किसी के घर का चिराग न बुझे
रिपोर्ट-हिना आज़मीदेहरादून.भारत दुनिया के उन देशों में शुमार है जहां हर साल सड़क दुर्घटना में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है. हर साल सड़क दुर्घटनाओं में कई परिवारों के घर के चिराग बुझ जाते हैं. उत्तराखंड के देहरादून में अपने परिवार के सदस्य की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद दो बहनों ने अब ऐसी मुहिम शुरू की है ताकि फिर कोई घर अंधेरे में न डूबे. ये बहनें हैं इशिता और अंजलि. इन दोनों ने मिलकर ‘श्रद्धांजलि’ नाम का एनजीओ शुरू किया है. इसके जरिए वो लोगों को सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक कर रही हैं. एनजीओ ... Read more
यह लड़का है कमाल का आर्टिस्ट, बनाता है ऐसी पेंटिंग कि देखकर हो जाएंगे हैरान
अरशद खान/देहरादून.उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अ सोल आर्ट स्टूडियो (A Soul Art Studio Dehradun) के कई सेंटर हैं और इनकी खास बात है कि यहां पर पेंटिंग का वह हुनर देखने को मिलता है, जो आपको जल्दी से कहीं नहीं देखने को मिलेगा. यहां पर पोर्ट्रेट, कैरीकेचर से लेकर ऑयल पेंटिंग तक बनाई जाती हैं. कई बार इन पेंटिंग को बनाने में काफी लंबा समय भी लग जाता है. इनमें ऑयल पेंटिंग सबसे ज्यादा टाइम टेकिंग होती है और हाइपर रियलिस्टिक पेंटिंग को बनाने में एक साल तक का समय लग जाता है. इन सभी आर्ट के पीछे आज ... Read more
कमाल की जोड़ी….एक साथ की पढ़ाई…फिर साथ ही जॉब, अब शुरू किया अनोखा स्टार्टअप, मचा दी है धूम
अरशद खान/देहरादून.उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की रहने वाली शिखा बिष्ट और निधि रावत की जोड़ी कमाल की है. इन्होंने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई एक साथ की. उसके बाद शिखा ने दिल्ली में कुछ समय जॉब भी की लेकिन कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते उन्हें घर बैठना पड़ा और यहां से शुरुआत हुई उनके स्टार्टअप की. वैसे तो आपने अपने घरों में भी इस तरह के टी कोस्टर, फोटो फ्रेम, कपड़े के बैग देखे होंगे. इनका पूरा आर्ट वर्क हाथों से किया जाता है और इस काम को करती हैं निधि रावत और शिखा बिष्ट. वह लकड़ी के गुटकों ... Read more
देहरादून में सड़क सुरक्षा अभियान शुरू, ट्रैफिक नियम न मानने वालों को पाठ पढ़ा रही पुलिस
अरशद खान/ देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी 34वां सड़क सुरक्षा माह (Road Safety Month) मनाया जा रहा है. यह सड़क सुरक्षा माह 14 फरवरी तक चलेगा. इसमें राजधानी पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के मकसद से स्कूलों, औद्योगिक क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. देहरादून पुलिस (Dehradun Police) द्वारा समाज के हर वर्ग को इस मुहिम के साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. इस कार्यक्रम के दौरान आमजन के बीच जाकर उन्हें सड़क सुरक्षा के उपायों को प्राथमिकता देने, लापरवाही ... Read more