Tag: color of Jaipur Literature Festival
जयपुर लिट्रेचर फेस्टीवल का एक रंग यह भी
यह जयपुर लिट्रेचर फेस्टीवल की सुहानी शाम है और चारों तरफ अंधेरा दुनिया भर से आए लोगों को अपने आगोश में लेते हुए फैल रहा है। एक आवाज हलके वातावरण में तैर रही है, बॉदलेयर की एक कविता की पंक्ति है यह अंधेरा है, लेकिन देखो तो यह कितना दमकता हुआ खूबसूरत अंधेरा है। जेएलएन मार्ग पर क्लार्क्स आमेर के इस परिसर में जेएलएफ का यह दूसरा दिन है, लेकिन इसमें गुलजार, मणिशंकर अय्यर, नमिता गोखले, गुरचरणदास, मृणाल पांडे, नवदीप सूरी या विलियम डेलरिंपल से आगे भी इतना कुछ है कि उसे सुनना और महसूस करना किसी बेहतरीन डुएट के ... Read more