Tag: Hijab case
हिजाब छात्राओं की पसंद का मामला
जस्टिस अवस्थी की बेंच ग्यारह दिनों तक सुनवाई करती है और फैसला देती है कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है । हमें इस घटना के बारे में हमेशा ये ध्यान रखना चाहिए कि अगर हिजाब का विरोध सामान अधिक परिवर्तन के लिए था तो समाज को विश्वास में लेकर किया जा सकता था । जोर जबरदस्ती की जरूरत नहीं थी । क्या आप किसी समुदाय को पाकिस्तान भेज देने के नारे के साथ सामाजिक परिवर्तन के लिए उत्सुक कर सकते हैं? है ना ये विडीओ उसी समय का है । हिजाब के समर्थन में आई लडकियों पर पुलिस ... Read more
हिजाब मामला : कर्नाटक ने कहा, शिक्षा संस्थान किसी विशेष धर्म या जाति को मानने, प्रचार करने का स्थान नहीं
हिजाब मामले पर कर्नाटक के AG पीके नवदगी ने कहा कि, हिजाब पहनना एक धार्मिक प्रथा है. यह संभव है, जैसा कि कुरान में कहा गया है, धर्म से जुड़ी हर सांसारिक गतिविधि एक आवश्यक धार्मिक अभ्यास नहीं हो सकती है. जस्टिस गुप्ता ने कहा कि, उनकी दलील है कि कुरान में जो कुछ कहा गया है वह ईश्वर का वचन है और अनिवार्य है. कर्नाटक के AG ने कहा कि हम कुरान के विशेषज्ञ नहीं हैं, लेकिन कुरान का हर शब्द धार्मिक हो सकता है लेकिन अनिवार्य नहीं. गौहत्या पर कुरैशी का फैसला है जिसमें बकरीद पर गोहत्या ... Read more
“जजों को धर्म के मामलों में न्यायविद नहीं बनना चाहिए” : हिजाब मामले पर SC में सुनवाई के दौरान हुई जबरदस्त बहस
सोंधी- एक छात्रा को सिर्फ इसलिए कि वह हिजाब पहनती है, एक कक्षा के अंदर अनुमति न देना भी अनुच्छेद 15 का उल्लंघन है (राज्य जाति, लिंग, धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगा ). सोंधी ने डॉ अम्बेडकर का हवाला दिया- जिसमें कहा गया है कि बिना रोजगार वाले व्यक्ति को कम नौकरियों और अधिकारों वाली नौकरी चुनने के लिए मजबूर किया जा सकता है. बेरोजगारों को मौलिक अधिकारों को छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है. जस्टिस धूलिया – डॉ. अम्बेडकर का उद्धरण यहां कैसे प्रासंगिक है? सोंधी : एक नागरिक पर दो अधिकारों में ... Read more