Tag: international women's day

महिला दिवस: आने वाले वक्त के लिए खुद को तैयार करें पुरुष

एक मिनट के लिए कल्पना कीजिए कि आपके आसपास कोई महिला नहीं है. घर में नहीं. दफ्तर में नहीं. आपके पास पड़ोस में नहीं. आपके शहर में नहीं. कैसी होगी…

महिला दिवस: आने वाले वक्त के लिए खुद को तैयार करें पुरुष

एक मिनट के लिए कल्पना कीजिए कि आपके आसपास कोई महिला नहीं है. घर में नहीं. दफ्तर में नहीं. आपके पास पड़ोस में नहीं. आपके शहर में नहीं. कैसी होगी…

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘लाड़ो प्रोत्साहन योजना’ पर संवाद : छात्राओं को सरकारी योजनाओं की प्रदान की जानकारी, दिलावर ने कहा- उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई योजना

जयपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्कूली बालिकाओं के साथ शिक्षा मंत्री ने एक विशेष संवाद सत्र का आयोजन किया। संवाद सत्र में राजस्थान सरकार द्वारा संचालित ‘लाड़ो प्रोत्साहन…

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस – नारी है शक्ति, नारी है ज्योति, नारी बिना ये दुनिया है खोती ….

कोटा। नारी शक्ति अगर ठान ले तो हर मुकाम पर अपना परचम लहरा देती है। आज के युग में महिलाएं पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है।…

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस – लहरा दो, लहरा दो सरजमीं का परचम लहरा दो…

कोटा। “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:” अर्थात जहां नारी की पूजा होती है, उनका सम्मान किया जाता है वहां देवता निवास करते हैं। मुस्कुराकर, दर्द भूलकर,रिश्तों में बंद थी…

अन्तरराष्टÑीय महिला दिवस विशेष : सबसे कठिन था दूध पीते बच्चे को छोड़कर जाना: ऋचा तोमर

झालावाड़। उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव के किसान की बेटी ऋचा तोमर के आईपीएस आॅफिसर बनने की कहानी काफी संघर्षों भरी रही है लेकिन यही कहानी कई लोगों…

अन्तरराष्टÑीय महिला दिवस विशेष : कोई पति के निधन पर ढाबा खोल कर बच्चों की कर रही परवरिश तो कोई कर रही जन सेवा

सांगोद। महिलाएं आज के समाज की एक अहम हिस्सा हैं, हर क्षेत्र और कार्य में महिलाएं पूरी क्षमता के साथ अपना योगदान दे रही हैं। वहीं वर्तमान परिदृश्य में महिलाएं…

अन्तरराष्टÑीय महिला दिवस विशेष : महिलाएं यदि ठान ले तो बहुत कुछ कर सकती हैं

बून्दी। कहा गया है कि जब व्यक्ति के दिल और दिमाग की सोच केंद्रित होकर विचार करती हैं तो सेवा का भाव प्रकट होने लगता है, फिर सकारात्मक सोच के…

अन्तरराष्टÑीय महिला दिवस विशेष 7 : यह हैं कोटा की कमांडर, जिनके साय में महफूज शिक्षा नगरी

कोटा। निगाहों से छलके वो कतरे अब नहीं हैं उसकी पहचान…, खामोशी को छोड़ उसने छू लिया है आसमान,पथरीली राहों पर चलना अब लगता है उसे आसान, हौसला और हिम्मत…