कर्पूरी ठाकुर: मसीहा अति पिछड़ों के,आरक्षण दिया सर्वर्णों को !
मशहूर शायर मुनव्वर ख़ान ग़ाफ़िल का एक शेर है- जीते-जी क़द्र बशर की नहीं होती साहब, याद आएगी तुम्हें मेरी वफ़ा मेरे बाद …कुछ ऐसी ही शख्सियत थी बिहार के…
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