Tag: Krishnakali by Shivani
शिवानी जैसी लोकप्रिय लेखिका किसी भाषा में कम ही होती हैं
हिंदी में लोकप्रियता और श्रेष्ठता को लेकर विवाद लंबे समय से चला आता रहा है. कुछ लोग लोकप्रिय साहित्य में श्रेष्ठता का तत्व नहीं देखते हैं जबकि, कुछ लोगों का मानना है कि श्रेष्ठता का कोई एक मानक और मानदंड नहीं है. इसलिये हर रचना या कलाकृति को इस कसौटी पर नहीं कसा जा सकता है. इसलिए श्रेष्ठता के नाम पर लोकप्रिय को हाशिये पर नहीं धकेला जा सकता है. हिंदी साहित्य के इतिहास में देखा यह गया है कि लोकप्रिय साहित्य को दोयम दर्जे का माना गया है और उसे साहित्य की मुख्य धारा में शामिल नहीं किया गया ... Read more