Tag: Uttarakhand education system

किताबों के इनसाइक्लोपीडिया हैं “मामू कबाड़ी”! यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्र भी लेते हैं राय

तनुज पाण्डे/ नैनीताल.उत्तराखंड में ऐसे कई लोग हैं, जो शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रहे हैं. आज हम आपको नैनीताल के एक ऐसे इंसान से मिलाने जा रहे हैं, जिनकी स्कूली शिक्षा सिर्फ छठी क्लास तक हुई, लेकिन उन्हें किताबों का सटीक ज्ञान है. कौन सी किताब किस विषय और किस परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण होती है, वह इससे अच्छी तरह वाकिफ हैं. हम बात कर रहे हैं नैनीताल में ‘मामू कबाड़ी’ के नाम से मशहूर राशिद अहमद की. दूसरे शब्दों मे कहा जाए तो मामू कबाड़ी छात्रों के लिए किताबों के इनसाइक्लोपीडिया हैं. ... Read more

पहाड़ के युवाओं में घट रही बीएड की चाह! आधी से ज्यादा सीटें खाली, जानें क्यों

तनुज पाण्डे, नैनीताल –उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के युवाओं में कभी बीएड करने का जबरदस्त क्रेज था. एक-एक सीट के लिए दर्जनों छात्र आवेदन करते थे. दाखिला पाने के लिए हर छात्र को जद्दोजहद करनी पड़ती थी. आज हाल यह है कि कुमाऊं यूनिवर्सिटी को बीएड पाठ्यक्रम के लिए छात्र नहीं मिल रहे हैं. 3900 सीटों के लिए केवल 1691 अभ्यर्थी मिले हैं. बीएड में अब युवाओं की दिलचस्पी न होने का मुख्य कारण बीएड के बाद टीईटी की अनिवार्यता है और शिक्षक पदों पर रोजगार कम होना है. ऐसे में छात्र अन्य व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को ज्यादा महत्व दे रहे ... Read more

शिक्षा के लिए संघर्ष: पिथौरागढ़ का एक ऐसा गांव जहां बच्चों के साथ स्कूल जाते हैं माता-पिता, जानें मामला

रिपोर्ट- हिमांशु जोशी पिथौरागढ़. सीमांत जिले पिथौरागढ़ के विकासखंड मुनस्यारी में नापड़ ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले नैनीथल गांव के ग्रामीण अपने गांव में स्कूल खोलने की मांग को लेकर 120 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया. ग्रामीणों का कहना है कि कोरोनाकाल के बाद कम छात्र संख्या बताकर स्कूल को बंद कर दिया था, जिससे यहां के छात्रों को अन्य गांवों के स्कूलों में एडमिशन को मजबूर होना पड़ा. ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे स्कूलों तक पैदल दूरी और जंगल का रास्ता होने के कारण अभिवावकों को अपने बच्चों ... Read more