Udham Singh Nagar News: बच्चों को क ख ग सिखाने वाले शिक्षक का साहित्य सफर, जानें कैसे लिखी जीवन की पहली किताब


रिपोर्ट- वेद प्रकाश

ऊधम सिंह नगर. एक शिक्षक के तौर पर जीवन की शुरुआत करने वाले ऊधम सिंह नगर के प्राइमरी शिक्षक ने अपनी कलम से ऐसा जादू बिखेरा की मात्र 11 वर्षों में ही उन्होंने 15 पुस्तकें लिख डाली. रोमांच से लबालब प्राइमरी शिक्षक नवनीत चौधरी विदेह ने कई पुस्तकों का सम्पादन कर पुस्तक में वरिष्ठ लेखकों के साथ-साथ युवा लेखकों को स्थान देकर आगे बढ़ने का अवसर दिया है. प्राइमरी शिक्षक नवनीत चौधरी की पुस्तकों की ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यम से किताबों की बिक्री हो रही है.

ऊधम सिंह नगर जनपद की सितारगंज विधानसभा के प्राथमिक विद्यालय रजपुरा में शिक्षक के पद पर तैनात नवनीत चौधरी विदेह 2012 में भर्ती हुए, और अपनी पहली किताब 2012 में “बिखरी स्याही” का संपादन किया था. जिसमें में देश के 12 प्रदेश के कवि और कवित्रियों की कविताओं का शामिल किया गया था. तब से लेखक नवनीत चौधरी विदेह ने पीछे मुड़कर नहीं देखा, लेखक नवनीत ने ग्यारह साझा संग्रह, एक मौलिक कृति और तीन किताबों का संपादन कर चुके हैं, जिसमें वरिष्ठ कवि कवित्रियों के साथ साथ युवा कवि कवित्रियों की रचनाओं को शामिल किया गया.

दादा से मिली प्रेरणा

लेखक नवनीत चौधरी की मौलिक कृति दोहों का नवनीत सबसे प्रसिद्ध किताब रही है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही प्लेटफार्म पर काफी पंसद की जा रही है. लेखक नवनीत चौधरी विदेह ने बताया कि मेरे दादा सीताराम जी हिंदी के प्रवक्ता थे, वो मेरे प्रेरणा स्रोत थे. दादा घर में सुबह शाम रामायण का पाठ करते थे, हम भी उनके साथ साथ रामायण का पाठ करते थे. उन्होंने कहा कि मुझमें कविताओं के प्रति रुचि बढ़ गई, और फिर मैं कविताओं और दोहों की किताबें पढ़ने लगा.

लेखक नवनीत चौधरी विदेह ने बताया कि मेरे काव्य गुरु आदरणीय चेतन दुबे अनिल जी मुझ से हमेशा ही कहते थे कि जिंदगी में एक किताब जरूर लिखनी चाहिए. 2009 में प्राथमिक विद्यालय का शिक्षक बन गया और फिर मैंने अपनी पहली किताब “बिखरी स्याही” से शुरूआत की. फिर मैंने साझा संग्रह में कवि चतुर्दशी, सुकवि पच्चीसी, दोहो से मुक्तक तक, सुकवि शतक, कुछ दोहे कुछ मुक्तक, दोहा शतक, सुकवि पंचरत्न साक्षात्कार आइने के सामने और संपादन करते हुए बिखरी स्याही “काव्य संकलन”, शब्दों का संघर्ष “दोहा संग्रह”, अक्षर का संकल्प “दोहा संग्रह” और मौलिक कृति दोहों का नवनीत लिखी थी, मेरी मौलिक कृति दोहों का नवनीत में 700 से अधिक दोहों का संकलन है.

ऑनलाइन मिलती हैं शिक्षक की किताबें

लेखक नवनीत चौधरी विदेह ने बताया कि हमारी किताबें ऐमेज़ॉन और फ्लिपकार्ट के साथ-साथ राज्य सरकार और केन्द्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले बुक फेस्टिवल में हमारी सभी किताबें खरीद सकते हैं. उन्होंने बताया कि अगले दो वर्षों में एक व्यंग्य कुंडलियां संग्रह और एक राष्ट्रीय गीत संग्रह प्रकाशित होगा जिसका मैं संपादन कर रहा हूं. प्राथमिक विद्यालय रजपुरा के शिक्षक और लेखक नवनीत चौधरी विदेह द्वारा लिखी पुस्तकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीद सकते हैं. इसके साथ ही अधिक जानकारी के लिए लेखक नवनीत चौधरी को मोबाइल नं० 9410477588 सम्पर्क कर सकते हैं.

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