बलि देखने गया युवक, खुद बन गया शिकार... हथियार चला, तुरंत कटकर अलग हो गया हाथ!


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Uttarakhand Board Result 2025: उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2025 में ऋषिकेश के आयुष सिंह रावत ने 12वीं में 484 अंक हासिल कर राज्य में तीसरी रैंक पाई है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय टीचर्स, परिवार और खुद की मेहनत को…और पढ़ें

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उत्तराखंड बोर्ड इंटर में ऋषिकेश के आयुष सिंह रावत ने हासिल किया तीसरा स्थान.

हाइलाइट्स

  • आयुष सिंह रावत ने उत्तराखंड बोर्ड 12वीं में तीसरी रैंक हासिल की.
  • 10वीं में भी आयुष ने राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया था.
  • आयुष ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों, परिवार और आत्मसंयम को दिया.

ऋषिकेश: उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर की ओर से शनिवार को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 (Uttarakhand Board Result 2025) के रिजल्ट जारी कर दिए गए हैं. जिसमें ऋषिकेश के आयुष सिंह रावत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य में टॉप-3 में अपनी जगह बनाई है.
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास ऋषिकेश के छात्र आयुष सिंह रावत ने उत्तराखंड बोर्ड 12वीं की परीक्षा में 484 अंक हासिल कर पूरे उत्तराखंड में तीसरी रैंक हासिल की है. ये कोई मामूली बात नहीं है, क्योंकि हर साल लाखों बच्चे बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं, और ऐसे में टॉप-3 में आना वाकई बड़ी बात है. आयुष रावत के पिता बालम सिंह रावत रोडवेज में चालक हैं और उनकी माता अनीता रावत हाउस वाइफ हैं.

पहले भी कर चुके हैं टॉप
ये पहली बार नहीं है जब आयुष ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया हो. 10वीं की परीक्षा में भी उन्होंने 98.80% मार्क्स के साथ पूरे राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया था. तब भी उनकी मेहनत और लगन ने सबको हैरान कर दिया था. आयुष ने बताया कि उनका सपना इंजीनियर बनने का है.

आयुष बोले- सब कुछ अकेले मुमकिन नहीं होता
आयुष ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने स्कूल के टीचर्स, अपने मम्मी-पापा, बड़ी बहन और खुद की मेहनत को दिया. उन्होंने कहा कि “अगर लक्ष्य साफ हो और दिल से मेहनत की जाए, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती.” साथ ही उन्होंने अपने स्कूल का भी शुक्रिया अदा किया, जहां उन्हें सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि संस्कार और अनुशासन भी सिखाया गया.

इंस्पिरेशन बने आयुष
आयुष जैसे स्टूडेंट्स दूसरों के लिए इंस्पिरेशन बनते हैं, क्योंकि उन्होंने ये साबित कर दिया है कि अगर सच्ची मेहनत, सही गाइडेंस और थोड़ा सा आत्मविश्वास हो, तो कोई भी बच्चा आगे बढ़ सकता है. आयुष ने सिर्फ अपने परिवार का नहीं, बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है. उनका ये जज्बा दिखाता है कि अगर मेहनत और फोकस सही दिशा में हो, तो कोई भी मुश्किल आसान हो जाती है. आयुष की सफलता ये सिखाती है कि अगर दिल में कुछ करने का जुनून हो, तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है.

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