जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने राजस्थान हाईकोर्ट क्लर्क ग्रेड द्वितीय-2020 का पेपर लीक करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। पकड़े गए आरोपी ने अलवर में मोबाइल में व्हाट्सअप ग्रुप बनाकर करीब 10 अभ्यर्थियों को पेपर लीक कर परीक्षा से दो घंटे पूर्व पढ़वाया था। यह परीक्षा 2022 में हुई थी। कमलेश द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक करने वाले आरोपी और एक लाख रुपए के इनामी सुरेश ढाका का छोटा भाई है। गिरफ्तार आरोपित कमलेश ढाका सांचौर का रहने वाला है। एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने बताया कि कमलेश ने अलवर में जीण भवानी गार्ड में करीब 10 अभ्यार्थियों को वाट्सअप पर पेपर पढ़वाया था। इसके लिए उसने हर अभ्यर्थी से 3 से 5 लाख रुपए लिए थे। यह पेपर दिवाकर स्कूल मुरलीपुरा से छोटूराम खद्दा की गैंग ने लीक किया था। गैंग ने परीक्षा के दो घंटे पूर्व ही पूरे प्रदेश में हैंडलर के मोबाइल में व्हाट्सअप पर लीक पेपर लीक कर दिया। पेपर लीक का खुलासा होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
संपत्ति सीज हो चुकी है
सुरेश ढाका वरिष्ठ अध्यापक पेपर लीक मामले में मास्टर माइंड था। खुलासे के बाद इसकी सम्पत्ति की जांच की गई। सर्च के बाद सुरेश ढाका के वैशाली नगर स्थित फ्लैट, बगरू स्थित फैक्ट्री, हीरापुरा पावर हाउस स्थित घर को ईडी ने सीज कर दिया। सुरेश के अलावा भूपेंद्र सारण की संपत्ति पर भी छापेमारी की गई थी। सुरेश ढाका काफी समय से फरार चल रहा है। इस पर डीजीपी की ओर से एक लाख रुपए का इनाम घोषित है। राजस्थान हाईकोर्ट क्लर्क ग्रेड द्वितीय-2020 परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने का मुकदमा कोतवाली दौसा में दर्ज हुआ था।
