मुंबई। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक नर्सरी स्कूल के शौचालय में सफाईकर्मी द्वारा दो नाबालिग लड़कियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न को लेकर ठाणे के बदलापुर शहर में लोगों ने स्कूल में तोड़फोड़ की। लोगों ने रेलवे पटरियों पर उतर कर ट्रेन सेवाएं बाधित कर दीं। प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ पुलिस की झड़प भी हुई। विपक्षी दलों ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बर्खास्त करने की मांग की, हालांकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और वादा किया कि एक विशेष सरकारी अधिवक्ता नियुक्त किया जाएगा, और मामले से तेजी से निपटा जाएगा।
पुलिस ने संज्ञान लेने में की देरीआदर्श विद्या प्रसारक संस्था (एवीपीएस) द्वारा संचालित एक नर्सरी स्कूल में 12-13 अगस्त को कथित घटनाएं तब सामने आईं, जब डरी हुई नाबालिग पीड़ितों में से एक ने उसके निजी अंगों में जलन की शिकायत की और एक डॉक्टर ने बाद में उसके माता-पिता को बताया कि लड़की का यौन उत्पीड़न किया गया था और बाद में दूसरी घटना का भी खुलासा हुआ। पुलिस ने अपराध का संज्ञान लेने में कथित रूप से देरी की। उसने अंतत: 16 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की और 23 वर्षीय आरोपी अक्षय शिंदे (संविदा स्वीपर) को गिरफ्तार किया।
इस घटना की चौतरफा निंदा हो रही है और बड़े पैमाने पर सार्वजनिक प्रदर्शन हुए। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से पथराव किया लेकिन स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में कर लिया गया। प्रदर्शन के कारण सुबह करीब आठ बजे से ही अप और डाउन दोनों मार्गों पर रेलगाड़ियों का आवागमन प्रभावित हुआ है।
विपक्ष हुआ हमलावर
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाएगा और मामले को तेजी से निपटा जाएगा। मुख्यमंत्री शिंदे के गृह जिले में हुई इस घटना को लेकर विपक्षी महाविकास आघाड़ी पार्टियों, कांग्रेस, राकांपा (एसपी), शिवसेना (यूबीटी), वंचित बहुजन अघाड़ी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेताओं ने सरकार पर हमला बोला।
