धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (एचपीबोस) के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने गुरुवार को कहा कि बोर्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत आने वाले अकादमिक सत्र से क्लास नौंवी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिये एफए-1, एफए-2 (फॉर्मेटिव असेसमेंट) और प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू करेगा। इसका मकसद शिक्षा प्रणाली को मजबूत करना और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये तैयार करना है।
राजेश शर्मा ने कहा कि नयी प्रणाली राज्य के सभी स्कूलों में एक समान पाठ्यक्रम लागू करेगी और जेईई, नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिये फायदेमंद साबित होगी। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम को बांटने और व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के सुझावों पर चर्चा करने के लिये बोर्ड मुख्यालय में सभी विषयों के विशेषज्ञों की एक कार्यशाला आयोजित की गयी थी।
उन्होंने कहा कि यह पहल उन विद्यार्थियों के लिये खास तौर पर मददगार होगी जो महंगे संस्थानों में कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते।
