नई दिल्लीPublished: Apr 20, 2023 12:24:03 pm
Delhi HC: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा की प्राइवेट स्कूलों को अपनी पसंद से छात्रों को एडमिशन देने का अधिकार एक उचित और पारदर्शी मानदंड के आधार पर होना चाहिए। दरअसल दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल में एडमिशन चाहने वाले स्टूडेंट ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी।
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Delhi HC: दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HC) ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा की प्राइवेट स्कूलों को अपनी पसंद से छात्रों को एडमिशन देने का अधिकार एक उचित और पारदर्शी मानदंड के आधार पर होना चाहिए। दरअसल दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल में एडमिशन चाहने वाले स्टूडेंट ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में एडमिशन के नियमों पर सवाल उठाए गए थे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने माना है कि जबकि निजी स्कूलों को अपनी पसंद के छात्रों को प्रवेश देने का अधिकार है, वही चयन की एक उद्देश्यपूर्ण और तर्कसंगत प्रक्रिया पर आधारित होना चाहिए। अदालत ने कहा कि छात्रों के लिए प्रवेश मानदंड का आधार उचित और गैर-भेदभावपूर्ण होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि कि जनरल कोटा के तहत एडमिशन के मामलों में एक स्कूल की स्वायत्तता होती है। इसके लिए वो अपने मापदंड तैयार कर सकता है।

