भरतपुर। केंद्र में भरतपुर-धौलपुर के जाटों को आरक्षण की मांग को लेकर जाट समाज ने बुधवार को जयचोली में स्कूल और दिल्ली-मुम्बई रेलमार्ग के समीप महापड़ाव शुरू किया जो फिलहाल सात दिन रहेगा।
महापड़ाव के मंच से जाट समाज के नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि 22 जनवरी तक सरकार द्वारा वार्ता नहीं की गई तो रेलवे मार्ग और सड़क मार्ग को जाम कर दिया जाएगा। वहीं ऐतिहात के तौर पर पुलिस और प्रशासन की ओर से रेलमार्ग और सड़क मार्ग पर पुलिस के जवान तैनात कर दिए हैं। भरतपुर-धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने कहा कि सात जनवरी को डीग के जनूथर में हुंकार सभा में केंद्र सरकार को 10 दिन का समय दिया गया था। सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। भरतपुर जिले के दिल्लाी-मुंबई रेलवे ट्रैक के पास जयचोली में महापड़ाव डाला गया है। दूसरा महापड़ाव डीग जिले में बेढ़म गांव और तीसरा गांव रारह में होगा जिसमें 100 से अधिक गांवों में जाट समाज के नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
हमारे धैर्य की परीक्षा हो चुकी
फौजदार ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार 2017 में भरतपुर में जाट आंदोलन देख चुकी है, इसलिए धैर्य की परीक्षा नहीं लेकर आरक्षण पर निर्णय लिया जाना चाहिए। सुरक्षा के तहत सात आरएसी की कंपनी, संबंधित थाने समेत 220 पुलिसकर्मी, 100 अन्य जवान तैनात किए गए हैं। महापडाव को पूर्व प्रधान विजयपाल, सरपंच सुभाष, सरपंच सुशील, धर्मेन्द्र एडवोकेट, नरेश् मदेरणा, महेश इंदौलिया, सरपंच मोहन, किशन सिंह, पार्षद नीरज, कर्नल जयसिंह, जोगेन्द्र राणा धौलपुर, सरपंच, खूबीराम, जयसिंह धौलपुर ने सम्बोधित किया।
