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Public Opinion: पर्यटन सीजन को लेकर प्रशासन द्वारा नैनीताल शहर में टैक्सी बाइकों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया है. नगर के बाहर टैक्सी बाइक चल सकेंगी. तल्लीताल धर्मशाला और मेट्रोपोल में टैक्सी बाइक की पार्किं…और पढ़ें
टैक्सी बाइक चालकों के सामने रोजगार का संकट मंडराने लगा है.
नैनीताल. उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल में टैक्सी बाइक (Taxi Bike in Nainital) चालकों के सामने रोजगार का संकट आ गया है. पर्यटन सीजन को लेकर प्रशासन द्वारा शहर में टैक्सी बाइकों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि शहर के बाहर टैक्सी बाइकों का संचालन किया जा सकेगा. इसके लिए तल्लीताल धर्मशाला और मेट्रोपोल में टैक्सी बाइक की पार्किंग शुरू की गई है. प्रशासन ने प्रतिबंधित टैक्सी बाइकों को सख्ती के साथ शहर से हटाने की बात कही है. साथ ही उनके लिए नई एसओपी जारी की है. संयुक्त मजिस्ट्रेट वरुणा अग्रवाल ने बताया कि नैनीताल में 2017 से पूर्व की 82 टैक्सी बाइकें ही शहर के अंदर चलेंगी. इसके बाद पंजीकृत बाइकें शहर में प्रतिबंधित रहेंगी. सभी प्रतिबंधित टैक्सी बाइकों को शहर के बाहर ही चलाया जाएगा.
नैनीताल निवासी टैक्सी बाइक चालक कमल ने लोकल 18 से कहा कि उनके पास एक टैक्सी बाइक है, जिसे चलाकर वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. यदि 2017 में टैक्सी बाइक प्रतिबंधित कर दी गई थी, तो अब तक परमिट क्यों जारी किए गए. क्यों नहीं रोका गया गाड़ियों को. उन्होंने कहा कि कई लोगों ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत गाड़ियां ली हैं. उसके बाद भी छोटे से शहर में टैक्सी बाइकों को नहीं चलने दिया जा रहा है. सरकार खुद स्वरोजगार देने की बात करती है और खुद रोजगार छीन रही है. यह प्रशासन की कमी है. यह फैसला गरीब आदमी को मारने वाला है. टैक्सी बाइक चालक मोहम्मद इरफान ने कहा कि उन्होंने 2022 में टैक्सी बाइक ली थी. स्वरोजगार के उद्देश्य से उन्होंने यह काम शुरू किया था, जो ठीक चल रहा था लेकिन प्रशासन द्वारा अब टीबी नंबर टैक्सी बाइक को शहर में प्रतिबंधित किए जाने से उनके सामने गाड़ी की किश्त भरने और अपने परिवार के भरण-पोषण का संकट मंडराने लगा है. प्रशासन और पुलिसकर्मी हमारे साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, जैसे हम कोई अपराधी हों. संयुक्त मजिस्ट्रेट वरुणा अग्रवाल के निर्देशानुसार तल्लीताल टैक्सी बाइक पार्किंग से आप तेल भरवाने पेट्रोल पंप तक नहीं आ सकते, इसके लिए आपको या तो ज्योलीकोट या फिर वाया बाईपास होते हुए सूखाताल पेट्रोल पंप आना होगा. ऐसे में कैसे हम काम कर पाएंगे.
नैनीताल नगर के बाहर कैसे मिलेगा काम?
चालक राम ने कहा कि टैक्सी बाइक के प्रतिबंधित होने से काफी दिक्कतें हो रही हैं. प्रशासन का कहना है कि नैनीताल शहर के बाहर से टैक्सी बाइक का काम करें लेकिन शहर से बाहर कैसे काम मिलेगा जबकि शहर के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं है. इसके अलावा नगरपालिका द्वारा सालाना शुल्क 1300 रुपये निर्धारित किया गया है. ऐसे में इतनी दूर पार्किंग और टैक्स लगने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं प्रशासन द्वारा हजारों के चालान भी किए जा रहे हैं. सिर्फ हमें टारगेट किया जा रहा है. चालक गौरव ने कहा कि हम नैनीताल के मूल निवासी हैं. हमने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत टैक्सी बाइक खरीदी है और इसे चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं. हर साल नैनीताल में जाम, ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सिर्फ हम टैक्सी बाइक चालकों को टारगेट किया जाता है जबकि शहर में पूरे देश से पर्यटक अपने वाहनों के साथ पहुंचते हैं जबकि टैक्सी बाइक शहर में जाम का कारण नहीं है. सरकार से विनती है कि उनकी समस्या का समाधान किया जाए.
82 में से 40 टैक्सी बाइक खराब
टैक्सी बाइक चालक परवेज अहमद ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत स्वरोजगार के उद्देश्य से बाइक खरीदी और अब हमें शहर में चलने नहीं दिया जा रहा है. प्रशासन से इस संबंध में टैक्सी यूनियन की मीटिंग भी हुई, वहां भी सभी लोग हमारे खिलाफ थे. टैक्सी बाइक का संचालन बंद होने से हमारे सामने गाड़ियों की किश्त भरने और परिवार के भरण-पोषण का संकट मंडराने लगा है. चालक उमेश ने कहा कि नैनीताल में टैक्सी बाइक संचालन के प्रतिबंधित होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हम लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करके अपना काम करते हैं. अब प्रशासन द्वारा टैक्सी बाइकों पर प्रतिबंध लगा दिया है. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले की 82 बाइकों में से 40 बाइक खराब हो चुकी हैं. नैनीताल में लोकल लोगों को लेकर उनका काम है. अगर नैनीताल में ही टैक्सी बाइक का संचालन बंद हो जाएगा, तो फिर वे लोग कैसे काम कर पाएंगे.
स्थानीय लोगों को भी दिक्कत
चालक कासिफ ने कहा कि प्रशासन के इस फैसले से टैक्सी बाइक चालकों के साथ ही लोकल लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. स्कूली बच्चे हों या फिर स्थानीय लोग, सभी लोगों को टैक्सी बाइकों से काफी सहूलियत होती है. नैनीताल छोटा सा शहर है, यहां रोजगार के लिए ज्यादा संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में उन्होंने स्वरोजगार के उद्देश्य से टैक्सी बाइक का काम शुरू किया था लेकिन अब नैनीताल में टैक्सी बाइक को बंद कर दिया गया है, जिससे उनके ऊपर आर्थिक संकट मंडराने लगा है. प्रशासन द्वारा निर्धारित टैक्सी बाइक स्टैंड भी काफी दूर बनाए गए हैं, जहां तक पहुंचना स्थानीय लोगों के साथ ही बुजुर्ग लोगों के लिए काफी मुश्किल है. उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान कर उन्हें चलने दिया जाए. साथ ही पुलिस द्वारा किए जा रहे भारी चालान भी खत्म होने चाहिए.
