रोहित भट्ट/अल्मोड़ा: आप में से किसी न किसी ने तो अच्छी नस्ल का कुत्ता तो जरूर पाला होगा. आज हम आपको उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के एक ऐसे ही मां बेटे से मिलवाने जा रहे हैं, जिन्होंने अच्छी नस्ल का कुत्ता ना पलकर बाजार के स्ट्रीट डॉग को पालने का काम कर रहे हैं.
30 साल से पाल रहे हैं कुत्ते
जी हां! ठीक सुना आपने पिछले 30 साल से अल्मोड़ा के तल्ला जोशी खोला में रहने वाली ममता खत्री आवारा कुत्तों को पालने का काम कर रही है. उनके साथ उनका बेटा भी निभा रहा है. दोनों मां बेटे का मानना है कि आज हर कोई बड़ी नस्ल का कुत्ता पालना पसंद करता है. वह आवारा कुत्तों को पालना पसंद करते हैं. क्योंकि उनका इन कुत्तों से ज्यादा लगाव रहता है.
घायल कुत्तों की करते हैं सेवा
बता दें कि अभी तक ममता खत्री और उनके बेटे तुषार खत्री करीब 50 से ज्यादा आवारा कुत्तों को पाल चुके हैं. जिसमें उनके परिवार वाले भी उनका साथ देते हैं. इसके अलावा बाजार में कोई भी कुत्ता घायल या फिर उसका कोई नहीं होता है, तो वह घर पर लाकर उसे पलते हैं. इतना ही नहीं लोग इनके वहां से पाले हुए कुत्तों को भी अडॉप्ट करते हैं. तुषार को कुत्तों से इतना ज्यादा प्यार है कि उन्होंने पाले गए गए इन आवारा कुत्तों की फोटो को फ्रेम लगाकर घर की दीवारों में लगाए हैं.
50 साल से पाल रहे हैं कुत्ते
स्थानीय निवासी ममता खत्री बताती हैं कि उन्हें स्ट्रीट डॉग पलते हुई, करीब 30 साल हो चुके हैं. स्ट्रीट डॉग पालने का शौक उन्हें उनके मायके से आया है. क्योंकि उनके गांव में गाय, बकरी, कबूतर और खरगोश आदि विभिन्न चीजों को वह बचपन से पलते हुए आ रही हैं. जब उनकी शादी अल्मोड़ा में हुई, तो उन्होंने भी इन आवारा कुत्तों को देखा और इन्हें पालना शुरू किया. उनको देखकर उनके बच्चों ने भी कुत्ते पालना शुरू कर दिया और आज वह 50 से भी ज्यादा कुत्ते पाल चुके हैं.
लोगों घर जाते हैं कुत्तों को गोद लेने
उनका बेटा जब स्कूल जाया करता था, तो वह स्ट्रीट डॉग को पकड़ कर घर ले आया करता था. इसके बाद उनके साथ उनके बेटे ने भी स्ट्रीट डॉग पालना शुरू किया. उन्होंने बताया कि जो वह स्ट्रीट डॉग पालते हैं, उन्हें लोग गोद लेने के लिए भी आते हैं. उनका मानना है कि वह ऐसे ही स्ट्रीट डॉग को पालने का काम करती रहेंगी.
कुत्तों की तस्वीरें लगी हैं दीवार
ममता के बेटे तुषार खत्री ने बताया कि वह ऐसा करके लोगों को प्रोत्साहित करने का काम करते हैं, क्योंकि आवारा कुत्तों का कोई नहीं होता है. यदि हर कोई इन्हें पाले, तो इन्हें भी घर मिल सकता है. आजकल के समय में हर कोई बड़ी नस्ल का कुत्ता पालना पसंद करता है. उनका मानना है कि जैसा हम प्यार बड़ी नस्ल के कुत्तों को देते हैं. वैसे ही हम इन आवारा कुत्तों को भी प्यार कर सकते हैं. तुषार ने अपने घर की दीवारों में पाले गए. इन आवारा कुत्तों की तस्वीरों को फ्रेम करके लगाया है.
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FIRST PUBLISHED : June 29, 2024, 15:47 IST
