चार धाम यात्रा: CM धामी का दावा ‘अव्यवस्था से कोई मौत नहीं’, अब ‘मौत के कारण’ भी जुटाएगी सरकार


देहरादून. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माना कि चार धाम यात्रियों की संख्या सरकार के लिए चुनौती बन रही है, लेकिन उन्होंने अव्यवस्थाओं के चलते किसी भी तीर्थ यात्री की मौत न होने का दावा किया. हालांकि सीएम धामी ने चार धाम यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर नाराज़गी जताई थी, जिसके बाद दून के ज़िला अधिकारी ने यात्रा टर्मिनल का औचक निरीक्षण किया. इधर, राज्य सरकार के मुख्य सचिव एसएस संधू ने एक मीटिंग लेकर चार धाम यात्रियों की मौतों के कारण को लेकर स्पष्ट रिकॉर्ड रखने के आदेश दिए.

हिमालयी रिसर्च सेंटर के उद्घाटन के मौके पर सीएम धामी ने कहा, ‘देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बढ़ रहा है. केदारनाथ में पीएम मोदी ने कहा था कि आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा और आज चार धाम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. इतने कि यात्रा संभालना हमारे लिए चुनौती हो गया है. हालांकि यात्रा में अव्यवस्था से नहीं कोई मौत नहीं हुई बल्कि मौतों के पीछे स्वास्थ्य कारण रहे.’ इसके अलावा धामी ने एक बार फिर समान नागरिक संहिता कानून लाने की बात भी कही.

चार धाम यात्रा टर्मिनल पर बेहतर व्यवस्था का दावा
चार धाम यात्रा टर्मिनल पर हज़ारों की संख्या में देश भर से यात्री आए हैं, जिसके चलते लगातार स्थिति बदतर होती जा रही है. धामी ने अव्यवस्थाओं पर नाराज़गी जताते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के आदेश दिए थे, जिसके चलते देहरादून के ज़िलाधिकारी आर राजेश ने ने टर्मिनल का औचक निरीक्षण किया. आशीष डोभाल के इनपुट के मुताबिक यात्रियों के ठहरने और खाने पीने की व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश देते हुए कहा कि यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इज़ाफ़ा किया गया है.

अब सरकार जुटाएगी मौतों के कारण का रिकॉर्ड
एक खबर के मुताबिक धामी सरकार में मुख्य सचिव एसएस संधू ने कल मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की एक अहम बैठक में कहा कि ‘श्रद्धालुओं की मौत कारणों का पूरा रिकॉर्ड’ जुटाया जाए. इससे पहले न्यूज़18 ने आपको बताया था कि किस तरह यात्रियों की मौत का कारण कोविड के असर को माना जा रहा है और कैसे हेल्थ डीजी शैलजा भट्ट ने मौत के कारण पता होने से इनकार करते हुए कहा था कि ज़्यादातर श्रद्धालु मृत अवस्था में अस्पताल लाए गए और कई के पोस्टमार्टम नहीं हुए.

अब संधू ने शैलजा भट्ट और मेडिकल एजुकेशन विभाग की सचिव राधिका झा की मौजूदगी में विभाग की बैठक लेकर साफ कहा कि यात्रा पर जा रहे लोगों की कोविड हिस्ट्री ठीक से दर्ज की जाए. यात्रियों को यह कन्फ्यूज़न न हो कि उनके कोविड पॉज़िटिव होने के बारे में रिकॉर्ड मांगे जा रहे हैं बल्कि वो पहले किस तरह संक्रमित रह चुके हैं, ये जाना जाए. वहीं, अनफिट यात्रियों से चार धाम यात्रा टालने के बारे में लगातार अपील किए जाने के निर्देश भी संधू ने दिए.

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