एम्सटरडैम। नीदरलैंड में इस्लाम विरोधी गीर्ट विल्डर्स की जीत के बाद वहां के मुसलमान हैरत और डर में हैं। गीर्ट विल्डर्स की धुर दक्षिणपंथी पार्टी फॉर फ्रीडम (पीवीवी) डच चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। गीर्ट खुलकर मुस्लिमों के खिलाफ बयान देते रहे हैं। उनकी जीत के बाद ना सिर्फ आम मुस्लिम सिर्फ बल्कि अर्नहेम के मेयर अहमद मार्कोच भी परेशान हैं। अहमद को इस चुनाव परिणाम के बाद परेशान अपने आठ साल के बेटे को देर तक समझाना पड़ा। अहमद के बेटे के स्कूल में चुनाव परिणामों पर बहस सुनी, जिसके बाद उसके दिमाग में ये बात बैठ गई कि नई सरकार में उनके परिवार को देश छोड़ना पड़ेगा क्योंकि वो मुसलमान हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक बेटे के डर पर बात करते हुए पूर्वी डच शहर अर्नहेम के मेयर अहमद मार्कोच ने कहा, ये बहुत हृदयविदारक था, मेरा तो दिल ही बैठ गया। ये बहुत चिंताजनक संकेत है, जो बताता है कि राजनीति कितनी गहराई तक व्यक्तिगत हो गई है। वह मेयर का बेटा है और उसको डर है कि ये नई सरकार उन्हें इस देश से बाहर कर देगी। ये समाज के लिए अच्छा संकेत नहीं है। लेबर पार्टी के नेता अहमद 2017 से अर्नहेम के मेयर हैं।
साल की उम्र में मोरक्को से नीदरलैंड आए अहमद मार्कोच को मुस्लिम होने की बात पर गीर्ट विल्डर्स ने अपने चुनाव प्रचार में लगातार निशाना बनाया था। ऐसे कयास हैं कि गीर्ट के सत्ता में आने पर अहमद को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
