पहाड़ की बेटी के पहाड़ से हौसले! गुरू के कहने पर उठाया कदम, जानें कैसे ‘ढोल गर्ल’ बनीं वर्षा बंडवाल
सोनिया मिश्रा/चमोली. देवभूमि उत्तराखंड में कई प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्होंने कई सामाजिक वर्जना को तोड़ कर नई कहानी का अध्याय शुरू किया है. उन्हीं में से एक हैं वर्षा बंडवाल, जिन्होंने अपने गुरु के मार्गदर्शन में रहकर ढोल सीखना शुरू किया और आज पुरुषों पर ढोल के एकाधिकार को खत्म कर वह तमाम महिलाओं के लिए मिसाल बन गईं. साथ ही आज उन्होंने अपनी पहचान ‘ढोल गर्ल’ के रूप में बनाई है. चमोली जिले के पीपलकोटी गडोरा गांव की रहने वालीं वर्षा बंडवाल के ढोल बजाने की कला हर किसी को मंत्र मुग्ध कर देती है.
ढोल पर वर्षा की उंगलियों की थाप पड़ते ही हर कोई ढोल की ताल पर झूमना शुरू कर देता है. उत्तराखंडी वाद्ययंत्रों में ढोल का खास महत्व है. राज्य में किसी भी शुभ काम का आगाज़ ढोल-दमाऊं बजाकर ही किया जाता है. साथ ही पांडव नृत्य, बगड़वाल नृत्य समेत तमाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ढोल की अहम भूमिका होती है.
गुरु के कहने से शुरू हुआ सिलसिला
वर्षा बताती हैं कि ढोल का अब उनके जीवन में खास महत्व है. ढोल से ही उन्हें पहचान मिली है. स्कूल के दिनों में वह स्कूली कार्यक्रमों में ढोलक बजाती थीं. तब एक दिन ढोलक बजाते हुए उन्हें देख उनके गुरु रोशन सिंह ने उन्हें कहा कि ‘तुम ढोल क्यों नहीं बजाती हो’? वह आगे बताती हैं कि यह सुन वह शांत हो गई थी. उन्होंने कभी किसी लड़की को ढोल बजाते नहीं देखा था. जब उन्होंने परिवार से इस बारे में बातचीत की तो उनके परिवार ने भी उन्हें ढोल बजाने के लिए प्रेरित किया.
गुरु से दीक्षा पाकर बन गईं ‘ढोल गर्ल’
वर्षा बताती हैं कि जब उनके गुरु ने उन्हें ढोल के बारे में सिखाना शुरू किया, तो धीरे-धीरे उन्हें भी ढोल बजाने में रुचि आने लगी. अब जब वह ढोल बजाती हैं तो उनकी उंगलियां अपने आप ही थिरकने लगती हैं और उन्हें खुशी होती है कि वह भी पहाड़ों की प्राचीन संस्कृति को संजोने में अपनी भूमिका निभा रही हैं.
वर्षा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
वर्षा के गुरु रोशन सिंह कहते हैं कि धीरे धीरे शहर से गांवों तक ढोल का स्थान डीजे इत्यादि ने ले लिया है, जिससे कहीं न कहीं इन धरोहरों का संजोने की जरूरत है. वह कहते हैं कि वर्षा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है, क्योंकि अब धीरे धीरे वर्षा को देखकर कई अन्य महिलाओं और लड़कियों ने भी ढोल बजाना शुरू कर दिया है.
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FIRST PUBLISHED : December 7, 2023, 13:37 IST