खेप्र/नवज्योति, जयपुर। नया साल खेलों और खिलाड़ियों के लिए भी नई उम्मीदें लेकर आएगा। नये साल में राजस्थान को जहां नया खेलमंत्री मिलेगा, वहीं प्रदेश में खेलों की सबसे बड़ी सरकारी संस्था राजस्थान खेल परिषद में भी नये अध्यक्ष की नियुक्ति होगी। जयपुर में कई बड़े खेल आयोजनों के साथ पहली बार राजस्थान में स्टेट गेम्स का भी आयोजन किया जा सकता है। क्रिकेट की इंडियन प्रीमियर लीग के बाद सबसे लोकप्रिय प्रो कबड्डी लीग की पूरे पांच साल बाद जयपुर में वापसी हो रही है। जयपुर में इसका आखिरी बार आयोजन 2019 में हुआ था।
अब अपने खिताब की रक्षा के लिए उतरी डिफेंडिंग चैंपियन जयपुर पिंक पैंथर्स अपने घरेलू मैदान और दर्शकों के बीच शानदार प्रदर्शन के लिए उत्साहित होगी। जयपुर में प्रो कबड्डी लीग के 11 मैचों का आयोजन 12 से 17 जनवरी तक सवाई मानसिंह इंडोर स्टेडियम में किया जाएगा। देश-विदेश के शीर्ष कबड्डी खिलाड़ी इस दौरान जयपुर में खेलते नजर आएंगे।
खिलाड़ियों को सम्मान की उम्मीद
कांग्रेस के पांच वर्ष के शासन के दौरान प्रदेश के खिलाड़ी सम्मान को तरस गए। न तो इस दौरान खिलाड़ियों को महाराणा प्रताप अवार्ड से सम्मानित किया गया और न ही प्रशिक्षकों को मिलने वाला गुरु द्रोणाचार्य अवार्ड दिया गया। सम्मान के इन्तजार में बैठे ढाई सौ से ज्यादा खिलाड़ियों में वे ओलंपियन भी शामिल हैं, जिन्होंने टोक्यो में पदक जीता और भारत सरकार ने जिन्हें खेल रत्न, पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा। इस दौरान अफसोस की बात यह रही कि प्रदेश के खेलमंत्री और राजस्थान खेल परिषद की अध्यक्ष के मध्य पूरे समय विवाद की स्थिति बनी रही। अब खिलाड़ियों को नई सरकार से सम्मान की उम्मीद रहेगी।
9 जनवरी से होनी थी कुश्ती, अभी बुक नहीं हुआ इंडोर
इस बीच विवादों से घिरे भारतीय कुश्ती संघ का साल का पहला दंगल भी जयपुर में ही कराने की तैयारी चल रही है। सीनियर राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन जयपुर में प्रस्तावित है। यह प्रतियोगिता पूर्व में 9 जनवरी से निर्धारित थी। हालांकि इसके लिए अभी इंडोर स्टेडियम बुक नहीं कराया गया है। इस दौरान इंडोर में स्कूली नेशनल कबड्डी और फिर प्रो कबड्डी लीग का आयोन होना है। ऐसे में राष्ट्रीय कुश्ती की तारीखों में बदलाव किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव पिछले सप्ताह ही कराए गए। पूर्व अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी उत्तर प्रदेश के संजय सिंह कुश्ती महासंघ के नये अध्यक्ष बने। लेकिन साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट सरीखे दिग्गज पहलवानों के भारी विरोध के चलते भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने एक दिन बाद ही कुश्ती संघ को फिर से बर्खास्त कर दिया। अब इसके संचालन के लिए तदर्थ समिति का गठन किया गया है।
