बिन पानी सब स्कूल, प्रदेश के 23 हजार सरकारी स्कूलों में नल कनेक्शन ही नहीं
ब्यूरो/नवज्योति, जयपुर। राज्य के 23 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों में पानी का नल कनेक्शन नहीं हैं, जहां चार से पांच घंटे बिताने वाले बच्चों के लिए पीने का पानी बाहर से मंगवाना पड़ता है। जल जीवन मिशन के तहत सरकारी स्कूलों में पानी का नल कनेक्शन देने की केन्द्र ने मुहिम शुरू की थी, लेकिन राजस्थान में इसका फायदा शत प्रतिशत स्कूलों को नहीं मिल सका। राजस्थान का अन्य राज्यों की तुलना में 32वां स्थान है अर्थात निचले पायदान से तीसरे नंबर हैं।
क्या है स्थिति
जलशक्ति मंत्रालय के अनुसार राजस्थान में 86,217 सरकारी स्कूल है, जिनमें से 63,344 स्कूलों में पानी का नल कनेक्शन है। इसके अलावा शेष 22 हजार 873 स्कूलों में नल कनेक्शन नहीं है। नल से जुडे स्कूलों का प्रतिशत 73.47 है। देशभर के 10 लाख 20 हजार 408 स्कूलों में से नौ लाख 23 हजार 963 स्कूलें नल से जुड़ी हुई है। अर्थात कुल 90.55 फीसदी हैं।
इन राज्यों में 100 फीसदी नल
देश के अन्य राज्यों आंध्र प्रदेश, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरला, लक्ष्यदीप, पांडुचेरी, तेलंगाना, उत्तराखंड आदि में शत प्रतिशत सरकारी स्कूलों में पानी का नल कनेक्शन है। इसके अलावा लद्दाख में 99.89, गुजरात में 99.86, मिजोरम में 99.54, पंजाब में 99.29, जम्मू-कश्मीर में 99.15, बिहार में 98.90, महाराष्टÑ में 98.60, तमिलनाडु में 97.87, कर्नाटक में 97.76, उत्तर प्रदेश में 97.59, छत्तीसगढ़ में 95.02, मणिपुर में 94.99, त्रिपुरा में 92.93, अरूणाचल में 92.11, झारखंड में 88.77, सिक्किम में 86.54, नागालैंड में 84.86, वेस्ट बंगाल में 79.67, मध्यप्रदेश में 79.30,ओडिसा में 69.76 और मेघालय में 64.34 फीसदी सरकारी स्कूलों में नल कनेक्शन हैं।