तनुज पाण्डे/ नैनीताल.उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित राजभवन ब्रिटिश वास्तुकला की अद्भुत विरासत है. गौथिक शैली में बनी इस इमारत की खूबसूरती, परिवेश, हरियाली, शांत वादियां और पहाड़ों का ठंडा मौसम इसे देश के सर्वश्रेष्ठ राजभवनों में से एक बनाता है. चारों तरफ हरियाली और और कई तरह के पेड़ पौधों से घिरा नैनीताल का राजभवन बेहद खूबसूरत है, जो नैनीताल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है. समुद्र तल से 6,785 फीट ऊंचाई पर स्थित इस राजभवन की नींव 27 अप्रैल 1897 को रखी गई थी, जो मार्च 1900 में बनकर तैयार हुआ. गौथिक शैली में बने इस पूरे भवन का आकार अंग्रेजी के E की तरह है.
गौथिक शैली में बने इस राजभवन की बिल्डिंग बेहद ही सुंदर है. मुंबई के विक्टोरिया टर्मिनल (छत्रपति शिवाजी टर्मिनल) की रूपरेखा बनाने वाले वास्तुकार फ्रेडरिक विलियम स्टीवन ने ही इस राजभवन का डिजाइन तैयार किया था. 220 एकड़ में फैले 113 कमरों वाले इस राजभवन में तीखी ढलान वाली छतें, बड़ी-बड़ी गुंबदनुमा आकृतियां और लकड़ी की नक्काशी इसको और भी सुंदर बनाती है, जो इसके बैकग्राउंड के साथ भी मेल खाती है. पहले इस राजभवन में ऊंची और तीखी ढलान वाली चिमनी नुमा मीनारें लगी थीं. बाद में उनके कारण यहां बिजली गिरने की कुछ घटनाओं के बाद इन्हें हटा दिया गया था.
इससे पहले नैनीताल में कई जगहों पर रहे राजभवन
नैनीताल निवासी इतिहासकार और पर्यावरणविद प्रोफेसर अजय रावत ने कहा कि नैनीताल में सबसे पहले राजभवन 1864 में स्टोनले परिसर में किराए पर राजभवन आवास लिया गया. 1865 में सर जॉर्ज कूपर ने सेंट लू (स्नो व्यू के पास) मालडन हाउस में राजभवन बनवाया. साल 1880 के भूस्खलन में यह राजभवन क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने फिर से यहां पर नया राजभवन बनवाया लेकिन इस जगह के भूस्खलन प्रभावित होने के बाद ब्रिटिश शासकों ने वर्तमान जगह का चयन कर यहां राजभवन बनवाया. इस जगह पर उन दिनों शेरवुड कॉलेज स्थित था, जिसे फिर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया. इसके पीछे की जगह ग्वालीखेत के नाम से जानी जाती थी, जहां चरवाहे अपने जानवरों को चराने आते थे. राजभवन के निर्माण के लिए डायोसेजन ब्वॉयज स्कूल (वर्तमान शेरवुड स्कूल) और ग्वाली खेत के इस भाग को सरकार ने अधिग्रहित कर लिया था और स्कूल को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया. राजभवन के निर्माण के लिए सेंट मेरी, चर्च ऑफ सेंट निकोलस, डायोसेजन गर्ल्स स्कूल, और सेंट जोसेफ कॉलेज से भी भूमि ली गई थी.
यहां स्थित है गोल्फ कोर्स
220 एकड़ में फैले इस परिसर में 45 एकड़ भूमि में 18 होल्स के ढलान वाला गोल्फ कोर्स भी बना है, जो देश के अन्य गोल्फ कोर्स से काफी अलग है और अलग अनुभव भी देता है. यहां के गोल्फ कोर्स में हर साल गवर्नर्स गोल्फ कप प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है. साथ ही वर्ष 2015 से यहां विद्यार्थियों के लिए भी गोल्फ टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है.
आकृति बकिंघम पैलेस जैसी
गौथिक शैली में बने इस राजभवन की बनावट इंग्लैंड के लंदन में स्थित बकिंघम पैलेस जैसी है. यह उससे बहुत ज्यादा मिलती-जुलती है. इंग्लैंड का बकिंघम पैलेस भी गौथिक शैली में बनाया गया है. इसके अलावा इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ के स्कॉटलैंड स्थित समर पैलेस बालमोराल से ये बिल्डिंग बहुत ज्यादा मेल खाती है.
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FIRST PUBLISHED : November 4, 2023, 22:54 IST
