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Rishikesh News: लक्ष्मण झूला का निर्माण बीसवीं सदी की शुरुआत में हुआ था और यह न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय लोगों की जीवन रेखा भी था.

ऋषिकेश: उत्तराखंड का पवित्र शहर ऋषिकेश योग, साधना और गंगा तट के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है. यहां का लक्ष्मण झूला और राम झूला धार्मिक महत्व के साथ-साथ पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र रहा है. किंवदंती है कि इसी स्थान पर लक्ष्मण जी ने जूट की रस्सी से गंगा पार की थी, जिसके नाम पर यह झूला बना. लेकिन समय बीतने के साथ लक्ष्मण झूला कमजोर होता गया और सुरक्षा कारणों से इसे बंद करना पड़ा. अब इसके स्थान पर भारत का पहला कांच का पुल “बजरंग सेतु” बनाया जा रहा है. हालांकि, निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है.

लक्ष्मण झूला का इतिहास

लक्ष्मण झूला का निर्माण बीसवीं सदी की शुरुआत में हुआ था और यह न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय लोगों की जीवन रेखा भी था. यह पुल ऋषिकेश के दो हिस्सों को जोड़ता था और रोजाना हजारों लोग इसे पार करते थे. वर्ष 2019 में पुल की स्थिति बिगड़ने पर इसे पहले आंशिक रूप से बंद किया गया और बाद में अप्रैल 2022 में पूरी तरह से आमजन के लिए रोक दिया गया. टूटती रस्सियों और कमजोर होते ढांचे ने इसे असुरक्षित बना दिया था.

लक्ष्मण झूला बंद होने के बाद आसपास रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल जाने, बच्चों को स्कूल पहुंचाने और बाजार से सामान लाने के लिए अब उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ता है. केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि पर्यटकों की संख्या में भी बड़ी गिरावट आई है. जो दुकानें और होटल पहले लक्ष्मण झूले की वजह से गुलजार रहते थे, आज वहां सन्नाटा पसरा हुआ है.

बजरंग सेतु का निर्माण

सरकार ने पुल की जगह नया “बजरंग सेतु” बनाने का फैसला लिया है जो पूरी तरह से कांच का बना होगा. यह न सिर्फ देश का बल्कि एशिया का भी आकर्षण बन सकता है. पर्यटकों के लिए यह रोमांचक अनुभव होगा. लेकिन समस्या इसकी निर्माण गति है. प्रशासन द्वारा कई बार समय सीमा तय की गई लेकिन हर बार तारीख बढ़ा दी गई.स्थानीय व्यापारी लगातार नाराजगी जता रहे हैं. उनका कहना है कि पुल बंद होने से उनकी रोजी रोटी छिन गई है. पहले जहां हजारों की संख्या में लोग दुकान पर आते थे, अब वहां मुश्किल से कुछ ग्राहक पहुंचते हैं. लोग मांग कर रहे हैं कि या तो लक्ष्मण झूले को दोबारा मरम्मत कर चालू किया जाए या फिर बजरंग सेतु का काम तेज गति से पूरा किया जाए.

पुल बंद होने से रोजी-रोटी पर असर

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान यशपाल ने कहा कि लक्ष्मण झूला के पास ही में उनकी एक दुकान है, जिससे वे अपना घर चलाते हैं. पुल बंद हो जाने के बाद से ही उनका व्यापार भी बंद पड़ गया है. लक्ष्मण झूला को देखने भारी संख्या में लोग आते थे. पुल बंद होने के कारण अब पर्यटक यहां नहीं आते, जिसके कारण उनकी रोजी रोटी पर असर पड़ा है. वहीं स्थानीय निवासी गौरी शंकर ने कहा कि बाजार जाने से लेकर अस्पताल जाने तक के लिए लंबे रास्ते से होकर जाना पड़ता है जोकि सुविधाजनक नहीं है. बजरंग सेतु के निर्माण कार्य में लेटलतीफी हो रही है. तारीख पर तारीख मिलने के बाद भी बजरंग सेतु का निर्माण पूरा नहीं हो रहा है.

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लक्ष्मण झूला बंद, बजरंग सेतु अधूरा… आखिर कब तक परेशान रहेंगे ऋषिकेश के लोग?

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