सरकारी स्कूलों के बाहर सरेआम बिक रहा गुटखा

कोटा। विद्यार्थी के जीवन में शिक्षा ग्रहण करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव उसका विद्यालय होता है जीवन में क्या बुरा है क्या सही उसे विद्यालय से ही सीखने को मिलता है जहां विद्यालय और उसके आस पास होने वाली गतिविधियां व वातावरण इन सब में एक बड़ा रोल निभाता है। इसी वातावरण को लेकर सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार विद्यालय परिसर के 100 गज के भीतर किसी भी प्रकार के तम्बाकु का क्रय विक्रय या सेवन करना वर्जित है। लेकिन शहर के कई बड़े विद्यालयों के बाहर तम्बाकु पदार्थ बेचते और उनका सेवन करते हुए लोग आसानी से मिल जाएंगे। इन बड़े विद्यालयों में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक सैंकडों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं जो रोज विद्यालय के समय में इन गतिविधियों को देखकर उनकी और आकर्षित होते हैं।

कई में सूचना बोर्ड तक नहीं
शिक्षा विभाग की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक किसी भी शिक्षण संस्था के अंदर और संस्था परिसर के 100 गज दायर के भीतर तम्बाकु से जुड़ी किसी भी प्रकार की गतिविधि करना सख्त मना है। ऐसा करने पर आरोपी पर 1 हजार रुपए तक जुर्माना या 6 महीने की सजा या दोनों हो सकते हैं। वहीं इसकी सूचना के लिए विद्यालय द्वारा 100 गज दायर में ऐसे स्थान पर धुम्रपान निषेध क्षेत्र का बोर्ड लगाना अनिवार्य है जहां से सभी को साफ दिखाई दे वहीं बोर्ड पर ऐसी गतिविधि की शिकायत के लिए नोडल अधिकारी का नाम, पद मय फोन नंबर अंकित होना जरुरी है लेकिन शहर के लगभग सभी विद्यालयों में या तो बोर्ड मौजूद नहीं है या वो क्षतिग्रत है जिसमें ना नोडल अधिकारी का नाम ठीक से अंकित है और ना ही संपर्क संख्या।

इन इलाकों में विद्यालयों के आस पास तम्बाकु की गतिविधियां 
शहर में कई प्रमुख इलाके ऐसे हैं जहां विद्यालयों के या तो आस पास या उनके गेट के बाहर खुल्ले आम तम्बाकु की बिक्री और धुम्रपान का सेवन किया जा रहा है। शहर के सबसे प्रमुख इलाके गुमानपुरा में स्थित मल्टी परपज स्कूल के बाहर कई सारी दुकानें संचालित हैं। इन दुकानों में बीच में ही चाय के स्टॉल के नाम से संचालित दुकानों में तम्बाकु और सिगरेट की बिक्री हो रही है। वहीं महावीर नगर तृतीय स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय के गेट नं 2 के पास ही संचालित डेयरी में तम्बाकु पदार्थ बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा दादाबाड़ी स्थित सरकारी विद्यालय के बाहर भी कई थड़ियां लगी हुई हैं जिनमें सभी तरह के तम्बाकु पदार्थों की बिक्री की जा रही है। छावनी स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के सामने भी ऐसे दुकानें संचालित हैं जिन पर तम्बाकु की बिक्री होती है। इनके अलावा भी शहर में कई विद्यालय ऐसे हैं जिनके या तो गेट के बाहर या 100 गज के अंदर तम्बाकु से संबंधित गतिविधियां संचालित होती हैं।

विद्यार्थियों का कहना है
विद्यालय के आस पास थड़ियां लगी हुई हैं जिनमें हर रोज कई तरह के लोग आकर तम्बाकु का सेवन और धुम्रपान करते हैं। स्कूल के अध्यापक भी इस पर ध्यान नहीं देते हैं। 
– मुकेश सुमन, विद्यार्थी, दादाबाड़ी

सार्वजनिक स्थान पर तम्बाकु का सेवन या धुम्रपान बैन हैं लेकिन स्कूलों के बाहर आराम से चलता है इनका कोई विरोध नहीं करता ना कारवाई। नई उम्र के बच्चे इन्हें देखकर गलत आदतों की और आकर्षित होते हैं।
– मुस्कान तोगडिया, विद्यार्थी, छावनी

इनका कहना है
विद्यालय परिसर के सौ गज के भीतर तम्बाकु से जुड़ी हुई गतिविधियां वर्जित हैं सभी विद्यालयों में इसकी पालन और नए बोर्ड लगाने के लिए अभी आदेश निकाले हैं। किसी विद्यालय के बाहर ऐसी कोई गतिविधि की शिकायत आने पर तुरंत जिला प्रशासन को दुकान हटाने या कारवाई के लिए अवगत कराते हैं। अगर कहीं पर ऐसा है तो उस पर कारवाई करेंगे।
– चारुमित्र सोनी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, कोटा