72 घंटे से बरस रहे बादल, एक मिनट को भी नहीं रूके, भारत-चीन बॉर्डर पर भी असर


हल्द्वानी : कुमाऊं के इलाके में पिछले 72 घंटे से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है, जिसके कारण इंसानी जिंदगी बुरी तरीके से प्रभावित हुई है. नेशनल हाईवे समेत स्टेट हाईवे और जिलों को जोड़ने वाली सड़कों के साथ ही गांव को जोड़ने वाली छोटी सड़कों का भी बुरा हाल है. कुमाऊं में 100 से ज्यादा सड़क बारिश के कारण हुए लैंडस्लाइड से बंद चल रही हैं‌. पिथौरागढ़ में तो एक तरह से भारत-चीन सीमा से संपर्क भी कट गया है, क्योंकि पिथौरागढ़ शहर से इन इलाकों को जोड़ने वाली ज्यादातर सड़कों पर लैंडस्लाइड हुआ है. ‌

सड़कों पर हुए लैंडस्लाइड को खोलने के लिए जगह-जगह जेसीबी और पोकलैंड मशीन तैनात की गई है, लेकिन लगातार हो रही बारिश काम करने में दिक्कत पैदा कर रही है. हालात ऐसे हैं कि सोमवार को ऊधम सिंह नगर,‌ पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल और अल्मोड़ा जिलों के डीएम को अपने जिलों में मौजूद आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों को बंद रखने का फैसला लेना पड़ा है.

बारिश को देखते हुए स्टेट पुलिस फोर्स के साथ ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है. एसडीआरएफ की टुकड़ी हर जिले में तैनात की गई है. सरकार की लोगों से अपील है कि वह नदी नालों और गधेरों से दूर रहें.‌ कुमाऊं में पिथौरागढ़ में काली‌ से लेकर टनकपुर में शारदा, ‌रामनगर में कोसी, ‌दाबका,‌ रामगंगा‌,‌ अल्मोड़ा में कोसी, बागेश्वर में सरयू, हल्द्वानी में गौला, नंधौर, कैलाश नदियां उफान पर हैं.‌ सभी नदियां खतरों के निशान से ऊपर बह रही हैं. सभी नदियों से बड़ी मात्रा में पानी को छोड़ा गया है, जिसके कारण निचले इलाकों में या नदी के किनारे के इलाकों में खतरा पैदा हो गया है. प्रशासन की लोगों से अपील है कि वह नदी नालों से दूर रहे.

कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिए हैं कि वह निजी तौर पर पूरी स्थिति पर निगाह रखें और कोई भी आपात स्थिति होने पर तुरंत कमिश्नर को सूचित करें. ताकि आपदा प्रबंधन में देरी न हो. डीआईजी कुमाऊं योगेंद्र सिंह रावत ने भी सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को स्थिति पर निगाह बनाए रखने और लोगों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं.

Tags: Haldwani news, Uttarakhand weather, Weather news, Weather Update