NEP 2020: नई शिक्षा नीति के तहत चमोली में शुरू हुई शिक्षकों की ट्रेनिंग, बच्चों की पढ़ाई पर दिखेगा असर

चमोली.उत्तराखंड के चमोली जिले में शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा नीति -2020 के तहत कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित ट्रेनिंग आयोजित की गई . जिला मुख्यालय गोपेश्वर के कोठियालसैंण इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है.राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 35 शिक्षक इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रशिक्षण ले रहे है. यह प्रशिक्षण 10दिनों तक चलेगा. इस ट्रेनिंग में शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के तहत कोडिंग की बारीकी से जानकारी दी जा रही है. भविष्य में बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर दिखेगा.

20 फरवरी से शुरू हुई यह ट्रेनिंग 1 मार्च तक चलेगा . इसमें 8 ब्लॉकों जैसे जोशीमठ, दशोली, नंदानगर, पोखरी, गैरसैंण, नारायणबगड़, थराली और देवाल के 35 शिक्षक हिस्सा ले रहे है. इंजीनियरिग कॉलेज के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अमित पंवार ने इस बारे में नई शिक्षा नीति के तहत स्कूली शिक्षकों को कंप्यूटर नॉलेज के साथ उन्हें कोडिंग की जानकारी होना जरूरी है, अतःसमग्र शिक्षा अभियान के तहत चमोली जिले के 35 शिक्षकों को इंजीनियरिग कॉलेज गोपेश्वर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

नई शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाला उत्तराखंड है पहला राज्य :
साथ ही उन्होंने बताया कि हमने कंप्यूटर के बेसिक से टीचर्स को ट्रेनिंग देनी शुरू की है और हमें पूर्ण विश्वास है की निश्चित रूप से आने वाले समय में इस ट्रेनिंग से शिक्षकों के साथ साथ सभी विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा.बता दें कि पिछले साल जुलाई में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा निदेशालय में बाल वाटिका का शुभारंभ किया था. इसी के साथ उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति 2020 लागू हो गई थी. राज्य सरकार ने दावा किया कि ऐसा करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है.

नई शिक्षा नीति छात्रों के संपूर्ण विकास के लिए जरूरी :
सीएम पुष्कर धामी ने कहा था कि नई शिक्षा नीति से बच्चों के नए भविष्य का निर्माण होगा. इससे उन्हें हर वह चीज मिलेगी, जो उनके संपूर्ण विकास के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शिक्षा के क्षेत्र में नई शिक्षा नीति एक नया क्रांतिकारी परिवर्तन है. यह शिक्षा नीति नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेगी. यह नीति भारतीय सनातन ज्ञान और विचार की समृद्ध परंपरा के आलोक में तैयार की गई है, जो हर व्यक्ति में निहित रचनात्मक क्षमताओं के विकास पर विशेष जोर देती है.

छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की सबसे अहम भूमिका:
सीएम ने आगे कहा कि छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की सबसे अहम भूमिका है. बच्चों को सबसे पहले संस्कार माता-पिता से मिलते हैं, उसके बाद उनके व्यक्तित्व निर्माण में पूरी भूमिका शिक्षकों की होती है. उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को साल 2030 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा.

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