मां की अंतिम इच्छा पूरी करने की शपथ, कई बेटियों की शिक्षा में कर रहे मदद


हिना आज़मी/देहरादून. अपने माता-पिता से प्रेम करने वाले कई लोगों की मिसाल हम समाज में देखते आए हैं. ऐसी ही एक मिसाल देहरादून के समाजसेवी जितेंद्र लिंगवाल ने पेश की हैं. जिन्होंने मां की अंतिम इच्छा पूरी करने का प्रण लिया था. जितेंद्र की मां एक पहाड़ी महिला थी, जो उम्रभर शिक्षा से वंचित रही और पढ़ने की मन में आस लेकर ही दुनिया से चली गई. ऐसे ही समाज की बेटियों के लिए जितेंद्र लिंगवाल ने गोद जन सेवा फाउंडेशन की स्थापना की. यह फाउंडेशन आर्थिक रूप से कमजोर परिवार और अनाथ बेटियों को अपनी माता के नाम से छात्रवृत्ति दे रहे हैं. आजकल वह 50 के करीब बेटियों को 1 हजार रुपए महीना छात्रवृत्ति देते हैं. जितेंद्र लिंगवाल की इस संस्था से कई लोग जोड़े हुए हैं.

समाजसेवी और गोद जन सेवा फाउंडेशन के संस्थापक जितेंद्र लिंगवाल ने बताया कि समाज सेवा का जज्बा उन्हें अपनी माता से मिला. उन्होंने कहा कि वह कुछ करना चाहती थी लेकिन पहाड़ी महिला होने के कारण वह पढ़ाई से वंचित रही, जबकि उनके पिता एक शिक्षक थे. अपनी मां के साथ मिलकर जितेंद्र ने दो लड़कियों के साथ गोद जन सेवा फाउंडेशन की नींव रखी. कोविड काल के दौरान उनकी माता का देहांत हो गया, लेकिन जितेंद्र लिंगवाल अपनी मां की अंतिम इच्छा पूरी करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने इस कदम को आगे बढ़ाया और लोगों को अपने साथ जोड़ना शुरू किया.

उन्होंने बताया कि सबसे पहले वह गांव-गांव गए और सर्वे करना शुरू किया और जिन लड़कियों के माता-पिता नहीं थे और जो बालिकाएं आर्थिक रूप से कमजोर थी उन्हें गोद लेना शुरू किया. गोद लेने से उनका मतलब है की 2 सालों के लिए बालिकाओं को 1 हजार रुपए प्रति माह छात्रवृत्ति देना शुरू किया. आज वह 50 लड़कियों को गोद ले चुके हैं और उनकी शिक्षा में मदद कर रहें हैं. आज की तारीख में उनसे कई लोग जुड़े हुए हैं. उन्होंने साझा करते हुए बताया कि एक बालिका दो परिवारों को शिक्षित करती हैं. इसलिए उन्हें पढ़ाना जरूरी है. उनका सपना है कि जिस तरह से मेरी मां के मन में पढ़ाई करने का अरमान रह गया ऐसा किसी भी महिला के भीतर न रहे.

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FIRST PUBLISHED : September 13, 2023, 09:50 IST

By admin

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