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Haldwani News: वाजिद अली को अक्सर हल्द्वानी के भीड़भाड़ वाले इलाकों में देखा जाता है. वह अपनी सहज प्रवृत्ति से ट्रैफिक कंट्रोल करते हैं, खासकर स्कूलों के आसपास, बाजार क्षेत्र और चौराहों पर उनकी सक्रियता देखने ल…और पढ़ें
वाजिद अली 17 साल तक बाउंसर की नौकरी कर चुके हैं.
हल्द्वानी. उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर की सड़कों पर अक्सर एक ऐसा शख्स नजर आता है, जो बिना किसी सरकारी पहचान के ट्रैफिक व्यवस्था संभालते हुए लोगों की मदद करता है. माथे पर बजरंग बली का टीका लगाए हनुमान जी के परम भक्त वाजिद अली शहर की व्यस्ततम सड़कों पर वाहन चालकों को सुरक्षित रास्ता दिखाते हैं. वाजिद पेशे से कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी नहीं हैं, न ही वह पीआरडी या होमगार्ड के जवान हैं. वह अपने स्वयं के संकल्प से यह सेवा कर रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि वाजिद हल्द्वानी के एक होटल में 17 साल तक बाउंसर की नौकरी कर चुके हैं लेकिन अब वह स्वेच्छा से जनता की सेवा में जुट गए हैं. उनका उद्देश्य सड़कों पर ट्रैफिक को सुव्यवस्थित करना और वाहन चालकों की सहायता करना है.
वाजिद अली को हल्द्वानी के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अक्सर देखा जाता है, जहां वह अपनी सहज प्रवृत्ति से ट्रैफिक को नियंत्रित करते हैं. खासकर स्कूलों, बाजारों और चौराहों पर उनकी सक्रियता देखने लायक होती है. उनके अनुसार, वह हनुमान जी के भक्त हैं और समाज की सेवा करना ही उनका धर्म है. वह हमेशा ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष करते हैं और लोगों को भी यही अभिवादन करने के लिए प्रेरित करते हैं.
हनुमान भक्त होने की वजह से विरोध
वाजिद अली ने लोकल 18 को बताया कि वह हल्द्वानी के एक होटल में 17 साल तक बाउंसर रह चुके हैं. मुस्लिम होने के बावजूद वह बजरंग बली के भक्त हैं. वह हर किसी का अभिवादन ‘जय श्रीराम’ के नारे के साथ ही करते हैं. हनुमान भक्त होने की वजह से उन्हें कई बार विरोध भी झेलना पड़ता है. उन्होंने कहा कि वह पिछले तीन साल से लगातार हल्द्वानी के अलग-अलग चौराहों पर ट्रैफिक कंट्रोल करते हुए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की मदद कर रहे हैं. वह एक देशभक्त हैं और इस तरह वह अपने देश की सेवा कर रहे हैं. उनकी नेम प्लेट पर लिखा है- नंबर 1 बजरंग बली और नंबर 2 वाजिद अली.
लोग करते हैं मदद
वाजिद अली की इस निःस्वार्थ सेवा के बावजूद उनके पास आय का कोई निश्चित साधन नहीं है. जो कुछ भी लोग मदद करते हैं, वही उनका सहारा है. वह किसी से रुपये-पैसों की मांग नहीं करते हैं. वाजिद की इस सेवा भाव के चलते शहर के लोग उनका काफी सम्मान करते हैं. वाजिद बताते हैं कि जनता की सेवा करने के लिए पुलिस भी उनकी सहायता करती है. वाजिद अली की यह अनोखी सेवा न केवल समाज को प्रेरित कर रही है बल्कि यह भी साबित कर रही है कि अगर मन में सेवा की भावना हो, तो बिना किसी सरकारी वर्दी या पहचान पत्र के भी एक व्यक्ति समाज में बदलाव ला सकता है.
Haldwani Talli,Nainital,Uttarakhand
February 28, 2025, 18:32 IST
हल्द्वानी में ट्रैफिक संभालता है हनुमान भक्त बाउंसर, नाम है ‘वाजिद अली’
