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Dehradun News: देहरादून प्रशासन ने बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ कदम उठाते हुए साधु राम इंटर कॉलेज में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर स्थापित किया. इस पहल में सड़क पर भिक्षा करने वाले बच्चों को शिक्षा, खेल और योग जैसी गतिविधियों के माध्यम से उनका बचपन लौटाया जा रहा है. अब तक 82 बच्चों को रेस्क्यू कर स्कूलों में दाखिला दिलाया गया और राज्य सरकार तथा बाल संरक्षण समिति भी इस प्रोजेक्ट में सहयोग कर रही हैं.

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून, हसीन वादियों के लिए जानी जाती है. लेकिन स्मार्ट सिटी में बाल भिक्षावृत्ति एक चिंता का विषय बनी हुई है. जिन मासूम बच्चों से उनका बचपन छीन लिया जाता है. अब जिला प्रशासन उन्हें उनका बचपन वापस देने की तैयारी कर रहा है. डेढ़ करोड़ की लागत से देहरादून के सरकारी स्कूल साधु राम इंटर कॉलेज को आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर के रूप में विकसित किया गया है.

इस पहल में भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए बच्चों को संगीत, योग और खेल जैसी गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा की ओर मोड़ा जा रहा है. जिला प्रशासन की टीम ने अब तक दो चरणों में कुल 82 बच्चों को रेस्क्यू कर स्कूलों में दाखिला दिलाया है. पहले चरण में 51 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में और दूसरे चरण में 31 बच्चों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय परेड ग्राउंड और साधु राम इंटर कॉलेज में दाखिला दिलाया गया.

इन बच्चों के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से साधु राम इंटर कॉलेज में आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है. देहरादून डीएम सविन बंसल ने कहा कि राजधानी की सड़कों पर मासूमों के हाथ में कटोरा थमाया जाता है और उनका बचपन छीन लिया जाता है. अब बाल भिक्षावृत्ति से मुक्ति दिलाने के लिए जिला प्रशासन भिक्षा उन्मूलन प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है.

इस पहल में सीडब्ल्यूसी और राज्य सरकार भी सहयोग कर रही हैं. डीएम बंसल ने बताया कि बीते तीन महीनों (जुलाई से सितंबर 2025) में कुल 138 बच्चों को भिक्षावृत्ति और बाल श्रम से मुक्त किया गया. इनमें से 70 बच्चे भिक्षावृत्ति में और 14 बच्चे बाल श्रम में संलिप्त पाए गए. अन्य राज्यों के 6 बच्चों को उनके परिजनों के पास भेजा गया ताकि उन्हें उनका अधिकार मिल सके.

Rahul Goel

मैं राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहा हूं. मुझे हिंदी मीडिया में 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. मैंने प्रिंट में रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल मीड…और पढ़ें

मैं राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहा हूं. मुझे हिंदी मीडिया में 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. मैंने प्रिंट में रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल मीड… और पढ़ें

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कटोरा छोड़ो, किताब अपनाओ…, देहरादून में बच्चों की नई जिंदगी की शुरुआत

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