Category: उत्तराखंड

कबाड़ निखार रहा दून की सुंदरता, टायर और प्लास्टिक से निखर रही राजधानी

हिना आजमी/देहरादून. एक तरफ राजधानी देहरादून के लोग कूड़े कचरे से परेशान हैं तो वहीं प्लास्टिक का कबाड़ सुंदर बना रहा है. यहां टायर से लेकर प्लास्टिक बोतल तक कई तरह की चीजें वेस्ट मैटीरियल से बनाई गई हैं. स्मार्ट सिटी के साथ मिलकर भी संस्थाएं यह काम कर रही हैं. प्लास्टिक बॉटल और पॉलिथीन का उपयोग कर कई तरह की इकोब्रिक्स से पार्क सजाने वाली संस्था इको ग्रुप सोसाइटी के अध्यक्ष आशीष गर्ग ने बताया कि प्लास्टिक वेस्ट का दुष्प्रभाव हमारे वातावरण पर देखने के लिए मिल रहा है. जंगल, जमीन, नदियां, हिमालय और जीव जंतु इससे बहुत प्रभावित ... Read more

गढवाल में मौत का हाईवे बना एनएच-7, 10 किमी के दायरे में हुई इतनी मौत, जानें क्या है कारण ?

कमल पिमोली/श्रीनगर गढवाल. भले ही सरकार सड़क सुरक्षा व एनएच से अतिक्रमण हटाने को लेकर तमाम दावे कर रही है लेकिन हालात कुछ ओर ही है. दिसंबर 2016 में चारधाम परियोजना (ऑल वेदर रोड) का शुभारंभ किये जाने के बाद कयास लगाये जा रहे थे कि अब पहाड़ों में सफर आसान हो जाएगा व सड़क दुर्घटनाओं में कमी आयेगी. लेकिन ऑल वेदर रोड बनने के बाद स्थिति अलग दिख रही है. लगातार भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही है तो वहीं राजमार्ग पर सडक हादसों में भी इजाफा हुआ है. ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 07 पर श्रीनगर गढ़वाल में राजमार्ग मौत का ... Read more

मेरी सहेली के तहत मिलेगा महिलाओं और बालिकाओं को सेनेटरी नैपकिन पैड,

रोहित भट्ट/अल्मोड़ा. ग्रामीण अंचलों की महिलाएं और बालिकाओं को होने वाली मासिक धर्म की वजह से उन्हें कई बार सैनेटरी पैड नहीं मिल पाते हैं जिसके बाद वो कपड़े या फिर अन्य चीजों का प्रयोग करती हैं जिस वजह से उन्हें कई बार अन्य दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है. इसको देखते हुए राज्य सरकार के द्वारा ‘मेरी सहेली’ करके सेनेटरी नैपकिन पैड वेल्डिंग मशीन की शुरुआत की है. अल्मोड़ा के ग्रामीण इलाको की महिलाओं और बालिकाओं को स्वस्थ रखने के लिए सैनेटरी नैपकिन पैड वेल्डिंग मशीन लगाई गई है. यह मशीन लगने से महिलाओं और बालिकाओं को सबसे ... Read more

फेमस है घंटी वाले भैया की चाट, टिक्की और दही भल्ले, 11 साल से परोस रहे हैं एक जैसा स्वाद, ये है लोकेशन

कमल पिमोली/श्रीनगर गढ़वाल. ना कोई लग्जरी रेस्टोरेंट, न ही कोई आकर्षक डेकोरेशन, लेकिन स्वाद ऐसा कि हर कोई बोलता है “घंटी वाले भैया पहले मेरी बारी”. श्रीनगर गढ़वाल की सब्जी मंडी वाली गली में अपनी चाट की दुकान लगाने वाले घंटी वाले भैया के चाट की दीवानगी इतनी है कि यहां युवाओं का तांता लगा रहता है, यहां युवाओं से लेकर बड़े बुर्जुग और छोटे बच्चे भी गोलगप्पे, टिक्की को काफी पसंद करते हैं, आलम यह है कि यहां चाट की ठेली लगने के तुरंत बाद से ही ग्राहकों का जुटना शुरू हो जाता है. यहां युवाओं में फास्ट फूड ... Read more

फेमस है घंटी वाले भैया की चाट, टिक्की और दही भल्ले, 11 साल से परोस रहे हैं एक जैसा स्वाद, ये है लोकेशन

कमल पिमोली/श्रीनगर गढ़वाल. ना कोई लग्जरी रेस्टोरेंट, न ही कोई आकर्षक डेकोरेशन, लेकिन स्वाद ऐसा कि हर कोई बोलता है “घंटी वाले भैया पहले मेरी बारी”. श्रीनगर गढ़वाल की सब्जी मंडी वाली गली में अपनी चाट की दुकान लगाने वाले घंटी वाले भैया के चाट की दीवानगी इतनी है कि यहां युवाओं का तांता लगा रहता है, यहां युवाओं से लेकर बड़े बुर्जुग और छोटे बच्चे भी गोलगप्पे, टिक्की को काफी पसंद करते हैं, आलम यह है कि यहां चाट की ठेली लगने के तुरंत बाद से ही ग्राहकों का जुटना शुरू हो जाता है. यहां युवाओं में फास्ट फूड ... Read more

13 साल…..16 करोड़…..हुआ बर्बाद, प्रशासन का आया ज्ञान ! पिथौरागढ़ का इंजीनियरिंग कॉलेज पुरानी जगह हुआ शिफ्ट

हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़. तस्वीरों में जिसे आप देख रहे हैं यह है पिथौरागढ़ का एकमात्र सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज का भवन, और इसे बनाने में 16 करोड़ खर्च किया है किया गया है फिलहाल यहां न कोई छात्र हैं और न ही इसका कोई पालनहार . करोड़ों रुपये किस तरह बहाए जाते हैं ये इसका जीता जागता उदाहरण हैं. अब बात करते हैं कि आखिर इसकी यह हालत हुई कैसे? दरअसल सीमांत जिले पिथौरागढ़ में 13 साल पहले शुरू हुए इंजीनियरिंग कॉलेज का उस समय जिसका अपना कोई भवन नहीं था और यह जीआईसी स्कूल के भवन में संचालित किया जाता था, ... Read more

इस स्कूल में बना छोलिया डांस का सबसे युवा ग्रुप ! छात्रों ने उठाया संस्कृति को आगे बढ़ाने का जिम्मा

हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़. उत्तराखंड का जाना-माना पारंपरिक डांस है छोलिया.जिसकी डिमांड आजकल विशेष आयोजनों में काफी ज्यादा बढ़ने लगी है. छोलिया डांस उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में देखने को मिलता है जो प्राचीन समय से चले आ रहा है. एक समय ऐसा भी आ गया था कि इस विधा को लोग भूलने लगे थे और छोलिया डांस का प्रभाव कम हो गया था . छोलिया डांस को आगे बढ़ाने के तमाम प्रयास हुए जिसका असर यह हुआ कि आज छोलिया डांस अपने अस्तित्व में आ गया है और अब नई पीढ़ी भी इस डांस को सीख रही है. हम बात कर ... Read more

नेता, माफिया, अफसरों के मजबूत गठजोड़ से फल-फूल रहा टिंबर माफियाओं का कारोबार

हाइलाइट्स उत्तराखंड के इलाकों में सालों से टिंबर माफिया अपनी मजबूत जड़ें जमाए बैठा है टिंबर माफिया के पीछे प्रभावशाली नेताओं का भी कनेक्शन है देहरादून. हिमाचल बॉर्डर से लगे उत्तराखंड के इलाकों में सालों से टिंबर माफिया अपनी मजबूत जड़ें  जमाए बैठा है. टिंबर की दुनिया में सत्ता, माफिया और ऑफिसर का ऐसा मजबूत गठजोड़ बना हुआ है कि तमाम नियम कानूनों के बावजूद टिंबर का अवैध कारोबार यहां खूब फल-फूल रहा है. टिंबर माफिया के पीछे प्रभावशाली नेताओं का भी कनेक्शन है. इसमें बड़े पैमाने पर विभागीय कर्मचारी भी शामिल हैं. इस मजबूत गठजोड़ में जौनसार भाबर के ... Read more

पहाड़ की बेटियां भी क्रिकेट में दिखा रहीं दिलचस्पी, टूर्नामेंट का हो रहा आयोजन

कमल पिमोली/श्रीनगर गढ़वाल. जहां पर्वतीय क्षेत्रों में लडकियां खो-खो, कबड्डी, या दौड़ जैसे खेलों तक ही सीमित हैं. तो वहीं अब स्थानीय लोगों की पहल पर अब इन बालिकाओं को क्रिकेट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. साथ ही क्रिकेट खेल के प्रति रूचि रखने वाली लड़कियों को संसाधन भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं. जिससे कि ये लड़कियां भी क्रिकेट के क्षेत्र में अपना भविष्य बना सके. इसके लिए श्री नगर से सटे कीर्तिनगर ब्लॉक के रानीहाट में तीन दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है. इस प्रतियोगिता की खासियत यह है कि इसमें केवल लड़कियां ही प्रतिभाग ... Read more

अल्मोड़ा विश्वविद्यालय बना अखाड़ा, धारा 144 लागू, परेशान हो रहे छात्र

रोहित भट्ट/अल्मोड़ा. सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में ग्रामीण क्षेत्र के साथ कई राज्यों से बच्चे यहां पर पढ़ाई करने के लिए आते हैं. विश्वविद्यालय को बने हुए 3 साल पूरे हो चुके हैं पर विश्वविद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ अब यहां पर अखाड़ा बनते हुए भी नजर आ रहा है. आए दिन परिसर में कुछ न कुछ बवाल देखने को मिलता है. जिस कारण दूर दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. दरअसल, छात्र संघ के चुनाव होने वाले हैं जिसको लेकर कालेज परिसर में छात्र नेता और अन्य संगठन के लोग परिसर ... Read more