हिना आज़मी
देहरादून. भारत में लगातार जिस तरह से विकास के लिए कई जगह अंधाधुंध पेड़ों का कटान हो रहा है. ऐसे में भविष्य में भारत को ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस प्रभाव के खतरनाक परिणाम झेलने पड़ सकते हैं. ऐसी भयावह स्थिति से बचने के लिए देश के भविष्य माने जाने वाले बच्चों को पर्यावरण से जोड़ना जरूरी है. इसी कड़ी में पर्यावरण के लिए काम करने वाली धाद स्मृतिवन संस्था द्वारा पर्यावरण से बच्चों को जोड़ने के लिए स्कूलों में हरेला क्लब बनाए जाएंगे, जिसमें बच्चे पर्यावरण संरक्षण का पाठ सीखेंगे.
धाद स्मृतिवन की सचिव नीना रावत ने बताया है कि बचपन से ही बच्चों का पेड़-पौधों के साथ रिश्ता बना देने से वे पेड़-पौधों से जुड़ाव महसूस करेंगे. इस पहल के माध्यम से बच्चों को भावनात्मक रूप से पर्यावरण से जोड़ा जा सकेगा. इसके उन्होंने बताया कि सहस्त्रधारा स्थित गुरु रामराय स्कूल में उन्होंने पहला हरेला क्लब बनाया है, जिसके सदस्यों के रूप में स्कूली बच्चों को ही जिम्मेदारी दी गई है, ताकि वह स्कूली स्तर पर ही पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकें.
वहीं, बच्चों को पर्यावरण से जोड़ने वाली इस मुहिम की सराहना करते हुए स्कूल कॉर्डिनेटर चारु राणा ने बताया कि बच्चों को बचपन से ही पेड़-पौधों से जोड़ने के लिए धाद संस्था की यह अच्छी पहल है ताकि बड़े होने पर बच्चे पर्यावरण का महत्व समझ सकें और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर सकें.
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Tags: Dehradun news, Environment news
FIRST PUBLISHED : August 05, 2022, 14:35 IST
